Holi 2024: होली के खास मौके पर यमुनापार के सात अलग-अलग इलाकों में महिलाओं ने एक नई शुरुआत की है। उन्होंने अपनी मेहनत और बुद्धिमत्ता के बल पर ऐसा काम किया,

यमुनापार की औरतों ने स्वरोजगार का निकाला नया रास्ता, जुटी है होली की तैयारी में

Holi 2024: होली के खास मौके पर यमुनापार के सात अलग-अलग इलाकों में महिलाओं ने एक नई शुरुआत की है। उन्होंने अपनी मेहनत और बुद्धिमत्ता के बल पर ऐसा काम किया, जिससे उन्हें स्वरोजगार का मौका मिला है। इस काम में आर्थिक रूप से कमजोर, विधवा, और अशिक्षित महिलाएं भी शामिल हैं।

 महिलाएं  बनाती हैं ऑर्गेनिक खुशबूदार गुलाल

 

यमुनापार के इन सात केंद्रों में गाजर, पालक, चुकंदर, कच्ची हल्दी, संतरे के छिलके, पलाश, और गेंदा जैसी विभिन्न सब्जियों, फलों, और फूलों से जैविक गुलाल तैयार किया जा रहा है। इन महिलाओं ने अपनी साख, मेहनत, और नौकरी से अब तक आठ लाख से अधिक रुपये की कमाई कर ली है, जो कि उनकी लगन और मेहनत की मिसाल है। इस पैसे से आर्थिक रूप से कमजोर, विधवा और अशिक्षित महिलाओं को बहुत लाभ मिला है।

 कैसे बनता है यह गुलाल?

 

गुलाल तैयार करने की प्रक्रिया में सब्जियों, फलों, और फूलों को मिक्सी में पीसकर पेस्ट तैयार किया जाता है। इस पेस्ट में अरारोट मिलाकर उसे तीन दिनों तक सूखने के लिए छोड़ दिया जाता है। फिर इसे सूती कपड़े में छाना जाता है और खुशबू के लिए सुगंधित तेल मिलाया जाता है।

 होली के बाद क्या करेंगी बिजनेस?

 

 आपको बता दें कि होली के बाद भी, इन महिलाओं को मोमबत्ती, दीये, माला, और अन्य वस्तुओं की तैयारी करने का मौका मिल रहा है, जिससे उन्हें न केवल आर्थिक सहारा मिल रहा है बल्कि वे अपने रोजगार के क्षेत्र में भी सक्षम हो रही हैं।

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