भारतीय रेलवे को होली के मौके पर व्यवस्थाएं बनाने में कामयाब नहीं हो सकी। अंबाला मंडल रेल प्रबंधक ने यात्रियों की परेशानियों को देखते हुए कर्मचारियों को सख्त निर्देश दिए थे

भारतीय रेलवे हुई नाकाम होली की व्यवस्था बनाने में, हरियाणा में गिड़गिड़ाते रहे कंफर्म टिकट की यात्री

भारतीय रेलवे को होली के मौके पर व्यवस्थाएं बनाने में कामयाब नहीं हो सकी। अंबाला मंडल रेल प्रबंधक ने यात्रियों की परेशानियों को देखते हुए कर्मचारियों को सख्त निर्देश दिए थे, लेकिन इसका पूरा पालन नहीं हुआ। होली के मौके पर अंबाला में ट्रेनों में भीड़ की समस्या बढ़ रही है, और यात्रियों को चढ़ने में मुश्किलें आ रही है।

कोच में नहीं घुस पाए कंफर्म टिकट यात्री

मंडल रेल प्रबंधक ने तो कड़े निर्देश दिए थे कि भीड़भाड़ के दौरान यात्रियों की समस्या को देखते हुए कर्मचारियों को तैनात किया जाए। लेकिन यहां भी कोई सुनने वाला नहीं था, और इस कारण यात्री स्लीपर कोच में भी परेशानी में फंस गए। इस दौरान ट्रेन में चढ़ने में भी यात्रियों को तकलीफ हो रही थी, क्योंकि कोच में घुसने की भारी रुकावट थी।

अंबाला स्टेशन पर हुई गाली गलौज और हाथापाई

इस घटना के बाद, कुछ यात्रियों में गुस्सा और चिढ़चिढ़ाहट दिखाई दी, जिससे कि उन्होंने गालीगलौज की भी बात की और झगड़े भी हुए। इसके अलावा, कुछ ट्रेनों में भी वेटिंग की समस्या देखने को मिली, जिससे यात्रियों को चढ़ने में और भी मुश्किलें आईं।

स्पेशल ट्रेनों में भी आई वेटिंग की समस्या

रेलवे ने होली के अवसर पर 26 स्पेशल ट्रेनों का संचालन किया है, लेकिन यह भी वेटिंग की समस्या से प्रभावित है। यहां तक कि कुछ यात्रियों को तत्काल टिकट भी नहीं मिल पा रहा है। यह घटना स्पष्ट करती है कि रेलवे की होली की तैयारियों में कहीं न कहीं कमी हुई है। यात्रियों को आराम से यात्रा करने का अधिकार होना चाहिए, और इसके लिए सुगमता प्रदान की जानी चाहिए। होली के मौके पर, जब लोग अपने परिवार और दोस्तों के साथ घर जा रहे होते हैं, उन्हें इस तरह की समस्याओं का सामना करना प्रत्याशा नहीं होनी चाहिए।

रेलवे प्रशासन को उठाने चाहिए थे कदम

रेलवे प्रशासन को ऐसे घटनाक्रमों को सीधे संज्ञान में लेना चाहिए और आवश्यक कदम उठाने चाहिए ताकि ऐसी स्थितियों का निवारण किया जा सके। यात्रियों की सुरक्षा और सुगमता को ध्यान में रखते हुए, संबंधित अधिकारियों को उचित कार्रवाई करने की जिम्मेदारी होनी चाहिए।

आखिरकार, लोगों को यात्रा के दौरान सुरक्षित रहना चाहिए, और रेलवे को उनकी सुरक्षा और सुगमता के लिए जिम्मेदारी संभालनी चाहिए। ऐसी घटनाओं से सीखते हुए, सरकारी निकायों को यात्रियों की आसानी के लिए सभी आवश्यक कदम उठाने चाहिए, ताकि लोग आत्मनिर्भरता से और सुरक्षित ढंग से यात्रा कर सकें।

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