Gurugram News: जल संकट से झुझ रहे लोगों की समस्या को देखते हुए सिंचाई विभाग ने गुरुग्राम समेत आसपास के गांव और बहादुरगढ़ तक की आबादी के लिए यमुना का जल उपलब्ध कराने के लिए नहर के पुनरुद्धार के लिए कार्य शुरू कर दिया है

Gurugram News: नहर के दोबारा तैयार होने से मिलेगी जलसंकट में राहत

Gurugram News: जल संकट से झुझ रहे लोगों की समस्या को देखते हुए सिंचाई विभाग ने गुरुग्राम समेत आसपास के गांव और बहादुरगढ़ तक की आबादी के लिए यमुना का जल उपलब्ध कराने के लिए नहर के पुनरुद्धार के लिए कार्य शुरू कर दिया है ।सिंचाई विभाग ने इसके लिए टेंडर भी जारी कर दिया है । जल्दी कार्य शुरू हो जाएगा और लोगों को यमुना का जल आसानी से उपलब्ध हो सकेगा । इस नहर के पुनरुद्धार की वजह से लोगों में जल संकट की समस्या का सुधार होगा। इस कार्य में लगभग 1900 करोड रुपए का खर्चा होगा ।2050 तक की आबादी को देखते हुए इस नहर का पुनरुद्धार किया जाएगा और इस कार्य को पूर्ण होने में लगभग 30 महीने लगेंगे।

इस कार्य की पूरा होने तक इसके समानांतर बनी दूसरे नहर एनसीआर वाटर चैनल से गुरुग्राम में जल की आपूर्ति हो सकेगी। इस वाटर चैनल का निर्माण लगभग दस साल पहले हुआ था। इसकी क्षमता 800 क्यूसेक पानी की है। गुड़गांव वाटर चैनल 1992- 94 में बनकर तैयार हुआ था, अब इसमें काफी शिल्ट जमा होने की वजह से इससे अपनी क्षमता से काफी कम पानी उपलब्ध हो रहा है। इस चैनल के खुला होने की वजह से इसमें जानवर और कचरा आदि गिर जाते हैं। इसके किनारे भी कई जगह से टूट चुके हैं।

गुरुग्राम और आसपास के क्षेत्र की बुझेगी प्यास

इस समय गुड़गांव वाटर चैनल की क्षमता 175 क्यूसेक पानी की है। मगर शिल्ट जमा होने की वजह से इसकी क्षमता आधी हो गई है। पुनर्निर्माण के बाद इसकी क्षमता फिर से बढ़कर 686 क्यूसेक हो जाएगी। सिंचाई विभाग की एक रिपोर्ट के अनुसार इस से करीब 500 क्यूसेक गुरुग्राम में खर्च होगा। बाकी इलाकों में उनकी मांग के अनुसार इस नहर से खर्च होगा। जीएमडीए के एसई के अनुसार जब तक गुड़गांव वाटर चैनल में निर्माण कार्य चालू है तब तक, एनसीआर वाटर चैनल से पानी की आपूर्ति होगी और बसई और चंदू के प्लांट को पाइप लाइन से जोड़कर पानी दोनों प्लांट में बांटा जाएगा। फिलहाल गुड़गांव वाटर चैनल बसई और चंदू बुढ़ेरा के प्लांट से जुड़े हैं।

रेणुका डैम से होगा फायदा

इस नहर का निर्माण 2050 की आबादी को ध्यान में रखते हुए किया जा रहा है । जैसे-जैसे पानी की समस्या बढ़ेगी इस नहर से पानी लिया जा सकेगा। यमुना के पानी के नियंत्रण और बहाव को ध्यान में रखते हुए पानी की जरूरत पड़ने पर यमुना डैम से भी पानी लिया जा सकेगा। आने वाले समय में इस नहर के पुनरुद्धार की वजह से अगर पानी की समस्या होती है तो इस डैम से भी पानी लिया जा सकेगा।

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