राजधानी दिल्ली में पुराने वाहनों को जब्त करने की कार्रवाई लगातार जारी है। दिल्ली में ऐसे वाहनों को लेकर सड़क पर निकलना आपको भारी पड़ सकता है। दिल्ली सरकार इस साल अब तक 8,400 से अधिक वाहनों को जब्त कर चुकी है। पिछले साल की तुलना में यह संख्या 188 प्रतिशत ज्यादा है।सुप्रीम कोर्ट ने साल 2018 में एक फैसले में दिल्ली में 10 और 15 साल से अधिक पुराने डीजल और पेट्रोल के वाहनों पर प्रतिबंध लगा दिया था। इसी दिशा में परिवहन विभाग ने सड़कों पर प्रदूषण फैलाने वाले पुराने वाहनों पर कार्रवाई की है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक 2022 में अब तक 10 माह में 8,444 पुराने वाहनों को जब्त किया गया है। जबकि 2021 में जब्त किए गए वाहनों की संख्या 2,931 थी।

हजारों की संख्या में बिना पीयूसी के दौड़ रहे वाहन

2022 में प्रदूषण नियंत्रण (पीयूसी) प्रमाण पत्र के बिना 23,212 वाहन सड़कों पर चलते पाए गए। जबकि 2021 में यह संख्या 29,570 थी। यहां बता दें कि 2022 में कुल 60,36,207 पीयूसी प्रमाण पत्र जारी किए गए जबकि 2021 में यह संख्या 42,25,946 थी।

53.38 लाख वाहनों का रजिस्ट्रेशन रद

हाल ही में जारी की गई एक रिपोर्ट में बताया गया था कि सुप्रीम कोर्ट के 2018 के आदेश के बाद से इस साल 17 अक्टूबर के बीच दिल्ली में लगभग 53.38 लाख वाहनों का पंजीकरण रद किया गया है। इनमें से 46 लाख से अधिक वाहन पेट्रोल इंजन के थे।पिछले साल के इस दौरान काटे गए चालान से तुलना करें तो पिछले पूरे साल 29570 चालान काटे गए थे जबकि इस साल अभी तक 10 माह में 23 हजार 212 चालान काटे गए हैं।

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