उत्तर प्रदेश :- यदि आप यात्रा करने वाले हैं और बोर्डिंग स्टेशन में नहीं बैठे तो अगले स्टेशन पर आपकी सीट दूसरे को अलॉट कर दी जाएगी. रेलवे ने हैंड हेल्ड टर्मिनल टैबलेट के जरिए सर्वर से ऑनलाइन व्यवस्था की शुरुआत कर दी गई है. इसमें यह दर्ज होगा कि यदि यात्री बोर्डिंग स्टेशन पर सवार नहीं होगा, तो उसकी सीट आरएसी या फिर वेटिंग लिस्ट के यात्री को अलॉट हो जाएगी. वहीं, अब टीटीई को चार्ट के झंझट से भी छुटकारा मिल गया है. इसके साथ ही वह यात्रा के दौरान अपने किसी को भी कंफर्म सीट उपलब्ध नहीं कर सकते है. यह सिस्टम ऑनलाइन चलेगा.

अब टीटीई यात्री का नहीं करेंगे इंतजार

पीआरओ प्रशस्ति श्रीवास्तव ने जानकारी देते हुए बताया कि टीटीई अब एक या दो स्टेशन तक यात्री के आने का इंतजार नहीं करेंगे. उन्हें हैंड हेल्ड टर्मिनल मशीन में तुरंत बटन दबाकर निश्चित करना होगा कि यात्री आया है अथवा नहीं. यात्री के न आने पर बर्थ तुरंत रेलवे के सर्वर के माध्यम से वेटिंग अथवा आरएसी वाले यात्री को अलॉट कर दी जाएगी. इस नियम में बदलाव के अनुसार यात्रियों को बोडिंग वाले स्टेशन से बैठना अनिवार्य हो गया है.

डिजिटल डिवाइस को दूसरे स्टेशन तक अपडेट करना अनिवार्य

जानकारी के मुताबिक, हैंड हेल्ड मशीनों के आने से पहले टीटीई ट्रेन में चार्ट लेकर यात्रियों की उपस्थिति चेक किया करते थे. उस दौरान कोई व्यक्ति अपने बर्थ पर नहीं मिला तो उसका एक या दो स्टेशन तक इंतजार करते थे औऱ इसके बाद किसी आरएसी या वेटिंग वाले यात्री बर्थ अलाट कर देते थे. परंतु अब यह स्थिति नहीं देखने को मिलेगी क्योंकि रेलवे द्वारा दी गईं डिजिटल डिवाइस को दूसरे स्टेशन तक अपडेट करना अनिवार्य है, ताकि तुरंत वेटिंग या आरएसी वाले यात्री को खाली बर्थ अलॉट कर सके.

By Kajal

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