उत्तर प्रदेश :- महामंत्री 106 वर्षीय केएल गुप्ता को सबसे बुजुर्ग सक्रिय कर्मचारी नेता का तमगा दिलाने के लिए एनई रेलवे मजदूर यूनियन (नरमू) दावा पेश करेगा. इसकी शुरुआत लिम्बा बुक ऑफ वर्ल्ड रिकार्ड से की जाएगी. इसके बाद गिनीज बुक में भी नाम दर्ज कराने की कार्रवाई शुरू की जाएगी.

उमर बढ़ने के बाद भी जोश नहीं हुआ कम

दिग्गजों के साथ किया था काम जानकारी के मुताबिक, केएल गुप्ता ने लोकनायक जयप्रकाश नारायण और पूर्व रक्षामंत्री जार्ज फर्नांडिस के साथ काम किया था. वह कहते हैं कि इस उम्र में भी सेहत का साथ है तो उसके पीछे लोकनायक जयप्रकाश नारायण और उन जैसे नेताओं के साथ रहने से उपजा नैतिक बल और जीवन का अनुशासन ही इसका कारण रहा है. केएल गुप्ता अनुशासित जीवनशैली की एक मिसाल है. यही वजह है कि उम्र बढ़ने के बाद भी उनका जोश कम नहीं हुआ. केएल गुप्ता कहते हैं कि ज़ब वे रेलकर्मियों के बीच होते हैं तो अंदर से ऊर्जा महसूस होती है. महामंत्री ने कहा कि नरमू दफ्तर ही मेरा घर है और रेलकर्मी मेरे परिवार के सदस्य.

ये है उनकी दिनचर्या

बता दें की सुबह चार बजे जागने से लेकर रात 11-12 बजे तक आज भी काम करने वाले केएल गुप्ता को न दूध पचता है, न जूस. 52 साल की उम्र से ही उनका तेल मसाला छूट गया है. लम्बे अरसे से दिन में सिर्फ दो वक्त दो रोटी और थोड़ी सी दाल खाते हैं. यूनियन के दफ्तर में ही उनका बिस्तर है.

गुप्ता लगातार 61वीं बार नरमू के महामंत्री चुने गए

यूनियन के संयुक्त महामंत्री ओंकार सिंह ने जानकारी देते हुए बताया है कि इस उम्र का कोई सक्रिय कर्मचारी नेता पूरे विश्व में नहीं मिलेगा. उन्होंने कहा कि श्री गुप्ता के संघर्ष को वैश्विक मंच पर स्थापित करने के लिए संघ लिम्बा बुक में दावा पेश करने की तैयारी में जुटा है. श्री गुप्ता लगातार 61वीं बार नरमू के महामंत्री चुने गए हैं. इस उम्र में भी वह रेलकर्मियों के संघर्ष की जिद को जिंदा रखने के लिए मशहूर है.

केएल गुप्ता कर्मचारियों के लिए चार बार बर्खास्त हुए, एक बार जेल भी गए

केएल गुप्ता कर्मचारियों के लिए क्या है इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि अपने सेवा काल के दौरान वह चार बार बर्खास्त हुए और एक बार एक महीने के लिए जेल भी गए. इन सब के बाद भी उन्होंने हार नहीं मानी और कर्मचारियों के लिए लड़ते चले आ रहे हैं. 1947 में रेल सेवा में आए श्री गुप्ता 1981 में सेवानिवृत हुए इसके बावजूद कर्मचारियों के लिए संघर्ष को उन्होंने विराम नहीं दिया.

By Kajal

Leave a Reply

Your email address will not be published.