नई दिल्ली :- 1अक्टूबर से प्रदेश के विभिन्न जिलों से दिल्ली आने वाले यात्रियों की मुश्किलें बढ़ने वाली हैं. एनजीटी द्वारा केजरीवाल सरकार को 1 अक्टूबर से दिल्ली में प्रदूषण फैलाने वाली पुराने मॉडल की रोडवेज बसों समेत दूसरे वाहनों के प्रवेश पर रोक लगाने के आदेश दिए गए हैं.

बीएस-6 मॉडल की कोई बस उपलब्ध नहीं

जानकारी के मुताबिक, एनजीटी कोर्ट के आदेश के बाद केजरीवाल सरकार ने हरियाणा सरकार को पत्र लिख कर 1 अक्टूबर से पुराने मॉडल की रोडवेज बसों को दिल्ली में इंट्री नहीं देने को कहा है. केजरीवाल सरकार के अनुसार 1 अक्टूबर से दिल्ली में केवल बीएस-6 मॉडल की बसों को ही प्रवेश करने की अनुमति होगी, क्योंकि बीएस-6 मॉडल की बसें एनजीटी के प्रदूषण के मानकों को पूरा कर रही हैं, परंतु नारनौल समेत प्रदेश के अधिकांश रोडवेज डिपो पर बीएस-6 मॉडल की कोई बस मौजूद नहीं है.

बीएस-6 मॉडल की कोई बस कार्यरत नहीं

बता दें की एनजीटी के आदेशों की पालना में दिल्ली सरकार ने हरियाणा समेत साथ लगते दूसरे स्टेटों की सरकार को पत्र लिख कर बीएस-6 माडल को छोड़ कर पुराने माडलों की बसों को इंट्री नहीं देने को कहा है. जबकि नारनौल डिपो समेत प्रदेश के अधिकांश डिपो में बीएस-6 मॉडल की कोई बस कार्यरत नहीं है. सभी डिपो में बीएस-4 माडल की बसें ही कार्य करती है.दिल्ली में 1 अक्टूबर से बीएस-4 माॅडल की बसों के प्रवेश पर रोक लगाने के संबंध में पत्र डिपो को मिला है. इस संदर्भ में सरकार द्वारा अभी कोई आदेश जारी नहीं किया गया है. इस मामले में सरकार के आदेशानुसार ही काम किया जाएगा, हालांकि प्रदेश सरकार 1000 नई बसें खरीद कर सभी डिपो को उपलब्ध करवाने के लिए प्रयास कर रही है.

By Kajal

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