नई दिल्ली :- पिछली सुनवाई पर अदालत के सख्त रुख को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने सोमवार को दिल्ली हाई कोर्ट को सूचित किया कि दिल्ली की सड़कों पर कोई भी मानवरहित बैरिकेड्स नहीं छोड़ा जाएगा. पुलिस ने कहा कि इसके बावजूद भी अगर नागरिकों को ऐसे बैरिकेड मिलें तो वे हेल्पलाइन नंबर- 112 पर फोन करके या ट्विटर पर पुलिस को टैग करके रिपोर्ट कर सकते हैं, इस पर तुरंत कार्रवाई करने के निर्देश हैं.

सड़कों पर नहीं लगाया जायेगा कोई बैरिकेड्स

जानकारी के मुताबिक, पुलिस द्वारा जारी ताजा दिशानिर्देशों के अनुसार, पीक-आवर्स के दौरान सड़कों पर तब तक कोई बैरिकेड्स नहीं लगाया जाएगा, जब तक कि पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) रैंक के एक वरिष्ठ अधिकारी के आदेश के तहत कानून और व्यवस्था या अपराध के बारे में पता लगाने के लिए विशिष्ट इनपुट या जानकारी प्राप्त नहीं हुई हो.

बता दें की पुलिस का पक्ष सुनने के बाद पीठ ने कहा कि अदालत पुलिस को इस संबंध में अतिरिक्त आदेश न देकर सिर्फ उसे अपने स्थायी आदेश का पालन करने के लिए ही कह रही है.

112 या फिर ट्विटर पर दें सूचना

जानकारी के मुताबिक, मानवरहित बैरिकेड के संबंध में प्रधानमंत्री को लिखे गए एक पत्र का स्वत: संज्ञान लेकर शुरू की गई जनहित याचिका पर अदालत सुनवाई कर रही थी. क्षेत्र के यातायात निरीक्षक अपने कर्मचारियों को सभी मानव रहित या उनके संबंधित अवरोधों को तुरंत सड़क व फुटपाथ से हटाने के संबंध में सूचित करेंगे.

वहीं, वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों द्वारा भी अपने क्षेत्र के दौरे के दौरान बैरिकेड्स लगाने पर विशेष ध्यान दिया जायेगा. सोशल मीडिया के माध्यम से यह प्रचारित भी किया जाएगा कि अगर किसी को सड़क पर कोई लावारिस बैरिकेड मिलता है, तो वे तुरंत 112 पर इसकी सूचना दें या फिर ट्विटर @dtptraffic और दिल्ली पुलिस @DelhiPolice पर ट्रैफिक पुलिस को टैग कर सकते हैं.

सड़क पर बैरिकेड्स छोड़ने के लिए 6 दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई

बता दें की अपनी अनुपालन रिपोर्ट में, पुलिस ने कहा कि हाल के दिनों में सड़क पर बैरिकेड्स छोड़ने के लिए 6 दोषी अधिकारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई शुरू की गई है. विजिलेंस अधिकारियों को सलाह दी गई है कि वे इस तरह की चूक के बारे में उदार दृष्टिकोण न रखें. हाई कोर्ट ने यह भी गौर किया कि पुलिस बिना गेट वाले रिहायशी इलाकों में बैरिकेड्स लगाने के उपाय भी कर रही है.

 

By Kajal

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