स्पोर्ट्स डेस्क :- सुब्रमण्यम बद्रीनाथ, एक ऐसे खिलाड़ी जिसे घरेलू क्रिकेट का मास्टर ब्लास्टर कहा जाता था. सचिन तेंदुलकर के रिप्लेसमंट के तौर पर ही उनकी ही टीम इंडिया में एंट्री भी हुई थी. जिन्होने 20 अगस्त, 2008 को भारत के लिए अपना पहला वनडे मैच खेला था.

ऐसे मिली थी टीम में जगह

जानकारी के मुताबिक, 2008 में एमएस धोनी की कप्तानी में टीम इंडिया 5 मैचों की वनडे सीरीज के लिए श्रीलंका के दौरे पर गई थी, तब सचिन तेंदुलकर की जगह सुब्रमण्यम बद्रीनाथ को ही टीम का हिस्सा बनाया गया था. सीरीज का दूसरा मुकाबला 20 अगस्त को दांबुला स्टेडियम में खेला गया था, जहां बद्री को इंटरनेशनल क्रिकेट में डेब्यू का अवसर प्राप्त हुआ था. बता दें कि यह वही सीरीज है जिसमें विराट कोहली ने भी अपने करियर का आगाज किया था.

भारत के लिए खेले 10 इंटरनेशनल मैच

हालांकि, बता दें की एस बद्रीनाथ का इंटरनेशन करियर ज्यादा लंबा नहीं टिक सका. तमिलनाडु के लिए घरेलू क्रिकेट में लगातार रनों की बारिश करने वाले बद्री ने भारत के लिए 7 वनडे, 2 टेस्ट और एक टी20 मैच खेला. 7 एकदिवसीय मुकाबलों में उन्होंने 16 की औसत से कुल 79, दो टेस्ट में 21 की औसत से 63 रन और एकमात्र टी20 में 43 रन अपने नाम किए. विंडीज के खिलाफ 2011 में दाएं हाथ के बल्लेबाज को टी20 डेब्यू का मौका मिला था और उन्होंने 43 रन की पारी खेल मैन ऑफ द मैच का अवॉर्ड अपने नाम किया. भारत ने वो मुकाबला 16 रन से जीता था.

ODI डेब्यू पर खेली धमाकेदार पारी

बता दें की बद्रीनाथ के वनडे डेब्यू पर श्रीलंका ने भारत के सामने जीत के लिए सिर्फ 143 रन का टारगेट रखा था और एक समय भारत का स्कोर 75-5 था. मैच टीम इंडिया के हाथों से निकल रहा था, लेकिन एस बद्रीनाथ ने टीम को हारने से बचाया. डेब्यू पर वो नंबर 7 पर बल्लेबाजी के लिए आए और कमाल की पारी खेली. छठे विकेट के लिए उन्होंने कैप्टन धोनी (39) के साथ 60 रन जोड़कर टीम को हार से बचा लिया. बद्री ने 57 गेंदों पर 27 रन की नाबाद पारी खेली. अपनी पारी में उन्होंने एक चौका भी जमाया था.

By Kajal

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