बीते माह के अंतिम दिनों में यलो बादली मेट्रो डिपो से एक घटना सामने निकल कर आई थी. भले ही यह घटना कई दिन पुरानी हो चुकी है लेकिन एक बार फिर से ऐसी ही घटना घटित हुई है. पिछले महीने के अंतिम सप्ताह में घटी इस घटना की तरफ रुख करते हुए डीएमआरसी ने इस पर तुरंत एक्शन भी लिया था. और इस घटना को गंभीरता से लेते हुए मेट्रो चालक को बर्खास्त भी कर दिया गया था. इसके बाद सवाल उठने लगे थे कि आखिरकार मेट्रो का परिचालन निजी हाथों में देना कितने हद तक डीएमआरसी का यह फैसला सही साबित होगा. वहीं इस मामले को ज्यादा वक्त नहीं बीता है. एक बार फिर से ऐसा ही कुछ मामला सामने आया है. जिसके बाद एक बार फिर से दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन पर सवाल उठ रहे हैं.

बीते दो माह में हुई दो घटनाएं

बता दें, हाल ही में येलो लाइन पर घिटोरनी मेट्रो स्टेशन के पास एक मेट्रो रेलगाड़ी ट्रक बदलकर दूसरे ट्रैक पर चली गई थी. जिसके वजह से साढे 4 घंटे मेट्रो की आवाजाही का परिचालन बंद हो गया. इसी वजह से तमाम नौकरीपेशा लोगों को काफी दिक्कतें हुई थीं करीब 4 घंटे तक इस रूट पर कोई मेट्रो नहीं चली थी. बीते कुछ दिनों में घटी इन दो घटनाओं ने डीएमआरसी के प्राइवेट हाथों में मेट्रो का परिचालन देने के ऊपर अब सवाल उठ रहे हैं. डीएमआरसी के सूत्रों के मुताबिक 30 अगस्त की सुबह 7:10 पर मेट्रो डिपो से यात्री सेवा के लिए निकल रही थी और उसी समय यह घटना घटित हुई. इस दौरान येलो लाइन के कारिडोर पर पहुंचने से पहले डिपो में ही पटरी से उतर गई थी क्योंकि उस मेट्रो को आटोमेटिक ट्रेन आपरेशन यानि (एटीओ) कंट्रोल सिस्टम द्वारा निर्धारित स्थान तक सिग्नल नहीं दे पाया था.

पहले भी हुई थी ये घटना

डिपो में क्रास ओवर से पहले मौजूद प्वाइंट तक ही उसे सिग्नल दे दिया गया था. बता दें, ऐसी ही घटना साल 2009 में भी दिल्ली मेट्रो के द्वारका वाले रूट पर घटित हुई थी. गौरतलब है बीते साल दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन ने येलो लाइन की जिम्मेदारी प्राइवेट हाथों में सौंप दी थी और उसके बाद से अब तक ऐसी कई घटनाएं हो चुकी हैं. जिसके बाद से लगातार DMRC पर सवाल उठ रहे हैं और कहा जा रहा है कि आखिरकार येलो लाइन को निजी हाथों में सौंपने का फैसला कितना सही है.

निजी हाथों में सौंपने पर उठ रहे हैं सवाल

आपको यहां समझने की जरूरत है दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन अपने यहां जिन कर्मचारियों को लेता है उनको अच्छे खासे वेतन पर रखा जाता है लेकिन जब इसकी रखरखाव की जिम्मेदारी निजी एजेंसी को दे दी गई थी तो उसने बहुत कम पैसों पर मेट्रो ऑपरेटर्स रखे थे. जिसके बाद ऐसी घटनाएं चर्चा में आई थी. हालांकि, अब यह सवाल उठ रहे हैं. देखना होगा दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन इन सवालों का किस तरह से जवाब देता है.

Author

  • Abhishek Raj Is Journalist & Edtior Of Expresskhabar.in , Abhishek Raj writing news, views, reviews and interviews with expresskhabar.in.

By Abhishek Raj

Abhishek Raj Is Journalist & Edtior Of Expresskhabar.in , Abhishek Raj writing news, views, reviews and interviews with expresskhabar.in.

Leave a Reply

Your email address will not be published.