दिल्ली में प्रदूषण को देखते हुए ट्रांसपोर्ट विभाग जल्द ही GRAP लाने की तैयारी कर रहा है. आम जनता के लिए एडवाइजरी जारी की गई है. जिसमें साफ निर्देश दिया गया है अगर कोई व्यक्ति इस एडवाइजरी के तहत दिए गए निर्देशों का पालन नहीं करता है तो उस पर ट्रांसपोर्ट विभाग और पुलिस विभाग कार्यवाही करेगा. प्रदूषण की समस्या को देखते हुए अगले 10 दिनों में GRAP आने की संभावना है. हाल ही में आईआईटीएम पुणे के पूर्वानुमान के हिसाब से 20 सितंबर और 21 सितंबर को प्रदूषण की वजह से मौसम काफी खराब हो सकता है. वहीं अगर 28 सितंबर को दिल्ली का मौसम खराब रहता है तो यहां के लोगों को प्रदूषण से जुड़े कुछ नियम और पाबंदियां झेलनी पड़ सकती हैं.

बढ़ सकता है दिल्ली में पॉल्यूशन

इसको लेकर एक्सपर्ट्स की राय जानने की कोशिश करें तो एक्सपर्ट का कहना है. इस बार कम बारिश हुई है इसकी वजह से दिल्ली में पॉल्यूशन की स्थिति काफी खराब हो सकती है. आने वाले समय में काफी खराब मौसम होने के आसार हैं. साथ ही में एक्सपर्ट यह भी कह रहे हैं अगर दशहरा और दिवाली के मौके पर दिल्ली के आसपास के इलाकों में पटाखे जलाए जाएंगे तो इससे ज्यादा प्रभाव पड़ेगा और स्थिति बेहद बिगड़ सकती है. बता दें, अक्टूबर का पहला महीना काफी संवेदनशील रहने की उम्मीद है, क्योंकि इस मौके पर दिवाली का त्यौहार भी नजदीक है. साथ ही ट्रैफिक भी अहम हैं. साथ ही पटाखों की समस्या भी दिल्ली ट्रांसपोर्ट विभाग के लिए एक समस्या है.

खराब स्थति में ये होंगी पाबन्दियां

अगर पॉल्यूशन की वजह से दिल्ली का मौसम खराब रहा तो आपको कई पाबन्दियां झेलनी पड़ सकती हैं. अगर आप दिल्ली की सड़कों पर सफर करते हैं तो आपके लिए पीयूसी बहुत जरुरी है. अगर आपने ये नहीं करवाया है तो करवा लीजिए क्यूँकि सफर के दौरान ये आपके लिए परेशानी बन सकती है, बता दें, 1 अक्टूबर से कई टीमें काम करेंगी. और पीयूसी ना करवाने वाले वाहनों पर तुरंत कार्यवाही होगी. इसके अलावा रेज लाइट पर गाड़ी बंद करना भी आपको महंगा पड़ सकता है. साथ में इंजिन की ट्यूनिंग और टायरों की हवा को भी अच्छी तरह परखने की जरूरत है.

नियम ना मानने पर होगी कार्यवाही

इसके अलावा होटलों और ढाबों में लकड़ी इस्तेमाल करने की अनुमति नहीं है. लकड़ी की जगह पर इलेक्ट्रिसिटी से चलने वाले कोई भी सामान इस्तेमाल किए जा सकते हैं. वहीं जनरेटर का इमरजेंसी इस्तेमाल कर सकते हैं. इसके इतर जनरेटर चलाने की अनुमति नहीं है. अगर कोई ऐसा करता पाया जाता है तो उस पर कार्यवाही की जाएगी. बिल्डिंग मालिकों को भी निर्देश दिया गया है बिल्डिंग मालिकों को निर्देश है कि वह अपने यहां रखने वाले सिक्योरिटी गार्ड को अच्छी क्वालिटी के कपड़े मुहैया कराएं. जिससे कि वह रात में लकड़ी जलाकर प्रदूषण ना फैलाएं. इसके अलावा ईट भट्टों पर काम न करने का भी निर्देश दिया गया है. साथ ही क्रेशर की माइनिंग पर भी काम करने की अनुमति नहीं है.

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By Anshu Pandey

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