दिल्ली में वाहनों की संख्या लाखों में है. ऐसे में जब यह वाहन सड़क पर निकलते हैं तो ट्रैफिक की समस्या काफी बड़ी हो जाती है. साथ ही लोग इन समस्याओं से छुटकारा पाने के लिए तरह-तरह के तरीके अपनाते हैं और यातायात के नियमों का उल्लंघन करने से भी कतई नहीं चूकते हैं. जिसके बाद उनका चालान होता है और यह सिलसिला लगातार चलता रहता है. इसके अलावा नॉन पार्किंग और रॉन्ग साइड ड्राइविंग जैसी समस्याएं भी दिल्ली यातायात पुलिस के लिए सिर दर्द बनी हुई है और इसका अंदाज आप समझ लीजिए. पिछले साल दिल्ली यातायात पुलिस में सबसे ज्यादा चालान पार्किंग को लेकर किए थे. इसके अलावा पॉल्यूशन जांच को लेकर भी तमाम गाड़ियों का चालान किया गया था.

रॉन्ग साइड ड्राइविंग गलत पार्किंग यातायात पुलिस के लिए सर दर्द

दिल्ली यातायात पुलिस के लिए नॉन पार्किंग और रॉन्ग साइड ड्राइविंग और पीयूसी कितनी बड़ी समस्या है इसका अंदाजा आप दिल्ली यातायात पुलिस के द्वारा जारी किए गए आंकड़ों से समझ सकते हैं. पिछले साल दिल्ली यातायात पुलिस ने 4 लाख 32 हजार 763 ऐसे वाहनों का चालान किया था. जो या तो गलत पार्क की हुई थी या रॉन्ग ड्राइविंग की वजह से इनका चालान हुआ था. ज्यादातर ऐसी गाड़ियां थी. जिनकी वजह से रोड पर आवाजाही प्रतिबंधित हो रही थी. वहीं इनमें तमाम गाड़ियां वह भी शामिल है. जो पॉल्यूशन होने के बावजूद भी पॉल्यूशन चेक नहीं कराती हैं. बात 2020 के चालान के आंकड़ों की की जाए तो कोविड-19 के दौरान भी यह संख्या करीब दो लाख के आसपास थी. इस दौरान क्योंकि दिल्ली के कई इलाकों में लॉकडाउन लगा हुआ था. जिसके वजह से चालान कम हुए थे.

सबसे अधिक चालान वन वे ड्राइविंग से जुड़े हैं

दिल्ली यातायात पुलिस के आंकड़े बताते हैं. सबसे ज्यादा चालान उन लोगों का कटता है. जो विपरीत दिशा में गाड़ी चलाते हैं. जिसे वन वे ड्राइविंग कहते हैं. इस वजह से दुर्घटनाओं की संभावना ज्यादा रहती है लेकिन उसके बावजूद भी लोगों पर इसका कोई असर नहीं पड़ता है और वह धड़ल्ले से यातायात नियमों की धज्जियां उड़ाते हैं. इस वजह से वह अपनी जान को खतरे में डालते ही हैं. साथ ही दूसरे लोगों को भी इस वजह से काफी बड़ी परेशानियां हो जाती हैं. वहीं चालान कटने वाले लोगों की संख्या में उनकी भी फेहरिस्त कम नहीं है. जो पॉल्यूशन होने के बावजूद भी पॉल्यूशन चेक नहीं कराते हैं. इस छोटी सी लापरवाही की वजह से इनका भी चालान कर दिया जाता है.

फुटबोर्ड सफर के मामले में चालान की संख्या बेहद कम

सबसे आखिर में फुटबोर्ड चालान की बात करें तो पिछले साल दिल्ली यातायात पुलिस ने महज 3 चालान किए थे और इसकी सबसे बड़ी वजह बताई गई कि दिल्ली सरकार के द्वारा चलाई गई ज्यादातर बसों में अब दरवाजे लगाए जा चुके हैं. जिसकी बदौलत लोग दरवाजों पर खड़े नहीं होते हैं. यही वजह है कि पिछले साल फुटबोर्ड चालान की संख्या में काफी कमी आई थी

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  • Abhishek Raj Is Journalist & Edtior Of Expresskhabar.in , Abhishek Raj writing news, views, reviews and interviews with expresskhabar.in.

By Abhishek Raj

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