बीते कुछ सालों में दिल्ली की आबादी में तगड़ा इजाफा हुआ है. वहीं मेट्रो का विस्तार और तमाम सारे कारणों की वजह से दिल्ली में रहन-सहन के तौर-तरीके बदल गए हैं. वहीं ट्रांसपोर्ट सुविधा में भी समय-समय पर परिवहन निगम बदलाव करता रहता है. अब खबर है कि जल्द ही दिल्ली परिवहन निगम 20 साल बाद डीटीसी बसों के रूट में बदलाव करने जा रहा है. दिल्ली परिवहन निगम के मुताबिक दिल्ली की कई हजार डीटीसी और क्लस्टर बसों के रूट बदल दिए जाएंगे. जिसकी वजह से दिल्ली में रहने वाले लोगों का आवागमन पूरी तरह से चेंज हो जाएगा. बता दें, यह फैसला बढ़ती आबादी और यात्रियों की तादाद को देखते हुए लिया गया है. साथ ही इस दौरान बसों के फ्रीक्वेंसी टाइम को भी ध्यान में रखा गया है.

दिल्ली की सड़कों पर चलेंगी 11000 नई बसें

बता दें, दिल्ली की सड़कों पर फिलहाल 7300 बसें चलती हैं. इनमें क्लस्टर और डीटीसी की बसें शामिल हैं. लेकिन सरकार अब इन बसों की संख्या में इजाफा करने पर विचार कर रही है. सरकार का मानना है अगले 4 सालों में इन वस्तुओं को 7300 से 11000 कर दिया जाएगा. मसलन इसका नतीजा है कि जो नए नए इलाके हैं उनको भी बस सेवा के रूप से जोड़ा जाएगा. दिल्ली सरकार जिन बसों को दिल्ली के लोगों को लाने जा रही है उनमें ज्यादातर इलेक्ट्रिक बसें होंगी और सब की लंबाई वर्तमान समय की डीटीसी और क्लस्टर बसों से थोड़ी अलग होगी. इन बसों में पहले से फ़ीडर लगा होगा और इस फीडर के अनुसार ही यह बस अपना रूट तय करेंगी.

स्टॉप पर बस के लिए नहीं करना होगा इंतजार

दिल्ली सरकार के बसों की संख्या में इजाफा करने के फैसले से तमाम तरह के फायदे होंगे. सबसे बड़ा फायदा तो यह होगा कि आपको बस स्टॉप पर पांच 5 मिनट की फ्रीक्वेंसी पर बस सेवा उपलब्ध होगी. आपको बस स्टॉप पर ज्यादा समय का इंतजार नहीं करना पड़ेगा. अधिकारियों का कहना है कि रूटों में किए गए बदलाव की वजह से तमाम तरह के फायदे होंगे. इन्होंने अपनी वेबसाइट पर एक कांटेक्ट एड्रेस दिया है और कहा है कि अगर दिल्ली के किसी निवासी को हमारे इन रूटों में बदलाव के कारण कोई समस्या है तो वह इस पते पर लिखकर हम तक पहुंचा सकते हैं. गौरतलब है दिल्ली परिवहन निगम ने मंगलवार को इस पूरे मसले से जुड़ी एक सार्वजनिक सूचना जारी करी थी.

2 अक्टूबर से शुरू हो जाएगा परिचालन

बता दें, इन बसों का परिचालन 2 अक्टूबर से ट्रायल बेसिस पर शुरू होने की बात कही गई है, जिसमें कहा गया है 50% बसों को नए रूटों के आधार पर चलाया जाएगा. वहीं 50% पुराने रूटों के आधार पर ही सड़कों पर चलती दिखाई देंगी. बताया गया यह ट्रायल करीब 3 महीने चलेगा और ट्रायल खत्म होने के बाद दूसरी प्रोसेस शुरू हो जाएगी. अधिकारियों का मानना है अगले साल के शुरुआत में यह बसें पूरी तरह से दिल्ली के मार्गों पर लोगों को सेवा देने के लिए आ जाएंगी.

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By Anshu Pandey

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