देश की राजधानी दिल्ली में मेट्रो के सहारे लाखों लोग रोज यात्रा करते हैं और ऐसे में दिल्ली मेट्रो समय-समय पर यात्रियों के यात्रा को आसान बनाने के लिए नई नई सुविधाएं और नई नई टेक्नोलॉजी का विस्तार करता रहता है. इसी कड़ी में दिल्ली मेट्रो रेड लाइन मेट्रो के पुलबंगश मेट्रो स्टेशन को इंटरचेंज में तब्दील कर रहा है. इस इंटरचेंज के बनने के बाद से मैजेंटा लाइन और रेड लाइट के यात्रियों को आपस में मेट्रो बदलने में सुविधा प्रदान होगी. यही कारण है कि दिल्ली मेट्रो रेल निगम मौजूदा मेट्रो स्टेशन को आश्रम-जनकपुरी मेट्रो स्टेशन से जोड़ने की तैयारी में लगा हुआ. बता दे कि यह उत्तरी दिल्ली का पांचवा इंटरचेंज बनने जा रहा है. इंटरचेंज के बनने के बाद से उत्तरी दिल्ली में काफी ज्यादा कनेक्टिविटी बढ़ने वाली है. इतना ही नहीं इंटरचेंज के वजह से लोग मेट्रो से भी काफी ज्यादा तक यात्रा करने लगेंगे. ऐसे में लोग अपनी विकल का कम उपयोग करेंगे जिससे जाम लगने की संभावना कम हो जाएगी.

19 मीटर गहरा होगा स्टेंशन

बता दें कि इस इंटरचेंज स्टेशन के बनने के बाद से रेड लाइन पर भीड़ भाड़ काफी ज्यादा कम हो जाएगी. इस भूमिगत मेट्रो इंटरचेंज स्टेशन का निर्माण मौजूदा एलिवेटेड स्टेंशन के नजदीक ही रोशनआरा रोड पर लगभग 19 मीटर नीचे किया जाएगा. वही बात करें इस इंटरचेंज मेट्रो स्टेशन की लंबाई की तो यह स्टेशन लगभग 225 मीटर लंबा होने वाला है. बता दें कि यात्रियों की सुविधा को देखते हुए इस इंटरचेंज मेट्रो स्टेशन में कुल 3 प्रवेश द्वार बनाए जाएंगे. इस मेट्रो स्टेशन के बनने के बाद से यात्रियों को काफी हद तक सहूलियत मिलने वाला हैं.

जाम की समस्या हो जाएगी खत्म

बता दें कि इस इंटरचेंज मेट्रो स्टेशन के बनने के बाद से भीड़भाड़ वाले इलाके जैसे लाला जगतनाथ, कुतुब मीनार, जीटी करनाल रोड और रोशनआरा रोड पर लग रहा ट्रैफिक जाम की समस्या काफी हद तक खत्म हो जाएगी. इतना ही नहीं इस मेट्रो स्टेशन के बनने के बाद से उत्तरी दिल्ली में कनेक्टिविटी भी काफी ज्यादा बढ़ने वाली है. इस इंटरचेंज स्टेशन के निर्माण का कार्य शुरू हो चुका है हालांकि रोशनआरा रोड पर काफी ज्यादा भीड़ रहता है ऐसे में इसका निर्माण चरणों में किया जाएगा.

चुनौतियों  से भरा है इस कार्डिडोरका निर्माण

बता दें कि इस कॉरिडोर का निर्माण काफी ज्यादा चुनौतियों से भरा हुआ है. दरअसल, यह मेट्रो लाइन भीड़भाड़ वाले इलाके से होकर गुजरने वाली है ऐसे में यहां पर निर्माण कार्य करना काफी ज्यादा चुनौतीपूर्ण होने वाला है. ऐसे में भूमिगत निर्माण के लिए दिल्ली मेट्रो रेल निगम कई नई तकनीकों का इस्तेमाल करने वाली है और अपने बेहतरीन अनुभव से दिल्ली मेट्रो के इस कॉरिडोर का निर्माण करेगी.

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By Anshu Pandey

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