IAS, सरजना यादव :- यूपीएससी परीक्षा देश की सबसे कठिन परीक्षा में से एक मानी जाती है. इस परीक्षा को पास करने के लिए विद्यार्थी को काफी मेहनत और लगन की आवश्यकता होती है. हर साल यूपीएससी की परीक्षा देने लाखों युवा शामिल होते हैं परंतु इनमें से कुछ ही युवा होते हैं जो अपने सपने को साकार कर पाते हैं.

आज हम एक ऐसी महिला के बारे में जानकारी देंगे जिनका सपना आईएएस बनने का था. इन्होंने अपनी सपने को साकार करने के लिए इंजीनियरिंग की नौकरी छोड़ दी और यूपीएससी की तैयारी कर अपने सपने को साकार कर आज वे एक आईएएस अधिकारी के पद पर पहुंच गई हैं.

नौकरी के दौरान ही शुरू की यूपीएससी की तैयारी

जानकारी के मुताबिक, सरजना यादव (Sarjana Yadav) का सपना था कि वह एक आईएएस अधिकारी के रूप में अपनी जिंदगी व्यतीत करें और लोगों की सहायता कर सकें. दिल्ली टेक्निकल यूनिवर्सिटी से इंजीनियरिंग की पढाई पूरी की. पढ़ाई पूरी होने के बाद इन्होंने टेलीकॉम रेगुलेटरी अथॉरिटी ऑफ इंडिया मेक रिसर्च अफसर के पद पर ज्वाइन कर लिया. इस नौकरी से वह संतुष्ट नहीं थी और उनके मन में हर वक्त ख्याल आता था कि वह यूपीएससी की तैयारी करके अपने सपने को पूरा करें. इसलिए इन्होंने नौकरी करने के दौरान ही यूपीएससी की तैयारी करनी शुरू कर दी.

दूसरी बार प्रयास करने पर भी हाथ लगी असफलता

उन्हें नौकरी करते इन्हें उतना समय नहीं मिल पाता था कि वह यूपीएससी की तैयारी मन से कर सकें. परंतु इन्होंने फिर भी हार नहीं माने और निरंतर प्रयास करते रही. जिसके बाद इन्होंने यूपीएससी का एग्जाम दिया परंतु वह असफल हो गयी. दूसरी बार प्रयास करने पर भी इन्हीं असफलता ही हाथ लगी.

2019 में प्राप्त किया 126वां रैंक

फिर इन्हे लगा कि नौकरी करते हुए यूपीएससी की तैयारी नहीं हो पाएगी जिसके बाद इन्होंने साल 2018 में नौकरी छोड़ दी और पूर्णरूपेण से यूपीएससी की तैयारी करनी शुरू कर दी. मेहनत और लगन से यह तैयारी करने में जुट गई. साल 2019 में इन्होंने फिर से यूपीएससी का परीक्षा दिया और इस परीक्षा में वह 126वां रैंक हासिल कर अपने सपने को साकार कर दिखाया.

प्रेरणा

सरजना यादव (Sarjana Yadav) से हम लोगों को यह प्रेरणा मिलती है कि अगर हम अपने काम में मेहनत और लगन के साथ करते रहें और निरंतर प्रयास करते रहें तो आखिरकार सफलता जरुर प्राप्त होती है.

By Kajal

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