नई दिल्ली :- रोड ट्रांसपोर्ट एंड हाईवे मिनिस्टर नितिन गडकरी कई अलग-अलग मिशन लिस्ट में एक मिशन ग्रीन हाइड्रोजन का भी है. ग्रीन हाइड्रोजन को पेट्रोलियम, बायोमास, ऑर्गेनिक वेस्ट और सीवेज के पानी से भी बनाया जा सकता है. इसका उपयोग एविएशन (विमान), रेलवे और ऑटो इंडस्ट्री समेत कई क्षेत्रों में किया जा सकता है. बता दें की टोयोटा मिराई हाइड्रोजन से चलने वाली कार है. ये हाइड्रोजन से एक टैंक फुल कराने के बाद 650 किमी तक जा सकती है.

पेट्रोल और डीजल की बढ़ती कीमतों से निजात

जानकारी के मुताबिक, ऑप्शनल फ्यूल पर जोर देने वाल गडकरी ने इंजीनियर्स और प्रोफेशनल्स के लिए हुई नेशनल कॉन्फ्रेंस में एक बार फिर इसका जिक्र किया है. उन्होंने कहा कि उनका सपना भारत में कम से कम 1 डॉलर (लगभग 80 रुपए) प्रति किलोग्राम के हिसाब से ग्रीन हाइड्रोजन को उपलब्ध कराना है. यदि ऐसा हो जाता है तो कार को चलाना बेहत किफायती हो जाएगा. साथ ही, पेट्रोल और डीजल की बढ़ती कीमतों से भी निजात मिल जायेगा.

1 लीटर पेट्रोल 1.3 लीटर इथेनॉल के बराबर

बता दें की इवेंट के दौरान गडकरी ने अल्टरनेटिव फ्यूल के रूप में इथेनॉल पर भी जोर दिया. उन्होंने बताया कि इथेनॉल की कीमत 62 रुपए प्रति लीटर है. जबकि कैलोरी वैल्यू के मामले में 1 लीटर पेट्रोल 1.3 लीटर इथेनॉल के बराबर है यानी इथेनॉल के लिए कैलोरी वैल्यू पेट्रोल से भी कम था. इंडियन ऑयल ने रूसी वैज्ञानिकों के साथ मिलकर दो ईंधनों को कैलोरी मान देने के लिए प्रौद्योगिकी विकसित करने के लिए भी काम किया था. गडकरी ने कहा कि पेट्रोलियम मंत्रालय द्वारा अब इस टेक्नोलॉजी को सर्टिफाई भी कर दिया गया है.

By Kajal

Leave a Reply

Your email address will not be published.