नई दिल्ली, Delhi Metro:- एक लंबे समय के बाद अब फिर से दिल्ली मेट्रो पुरानी दिल्ली की बेहद संकरी गलियों और घनी आबादी के बीच बसे इलाकों से गुजरेगी. दरअसल दिल्ली मेट्रो अब फेज-4 में मजेंटा लाइन के एक्सटेंशन के तहत जनकपुरी वेस्ट से रामकृष्ण आश्रम मार्ग के बीच एक नए कारिडोर का निर्माण किया जा रहा है. इसी के अनुसार एक हिस्से में मेट्रो अब पुरानी दिल्ली से होकर गुजरेगी.

नई लाइन पर भी सभी मेट्रो स्टेशन अंडरग्राउंड

जानकारी के मुताबिक, ये नई लाइन नार्थ दिल्ली के डेरावाल नगर से एलिवेटेड मेट्रो अंडरग्राउंड हो जाएगी और घंटाघर से पुरानी दिल्ली में प्रवेश करके पुल बंगश, सदर बाजार और नबी करीम से होते हुए आरके आश्रम मार्ग पहुंचेगी. इससे पहले भी इस लाइन पर सभी मेट्रो स्टेशन अंडरग्राउंड थे, इस नई लाइन पर भी सभी मेट्रो स्टेशन अंडरग्राउंड ही होंगे. इसके पीछे एक बड़ा कारण ये है कि चांदनी चौक जैसे इलाके में इतने घने बसे हुए हैं कि वहां एलिवेटेड स्टेशन बनाने की जगह ही नहीं है.

पुरानी दिल्ली से गुजरी वायलेट लाइन

बता दें की इससे पहले पुरानी दिल्ली के कुछ इलाकों से वायलेट लाइन गुजर चुकी है. फेज-3 के एक हिस्से के तौर पर वायलेट लाइन को केंद्रीय सचिवालय से कश्मीरी गेट तक बढ़ाया गया था. ये लाइन आइटीओ से आगे चलाकर दिल्ली गेट से पुरानी दिल्ली में प्रवेश करते हुए जामा मस्जिद और लाल किले से होते हुए कश्मीरी गेट तक पहुंची थी. ये पूरा कारिडोर भी अंडरग्राउंड ही है. साल 2017 यानि 5 साल पहले ही इसका निर्माण हो चुका है. अब फेज-4 में फिर से ऐसे ही कुछ इलाकों को जोड़ने के लिए मजेंटा लाइन का निर्माण भी किया जा रहा है.

रेड लाइन की बढ़ेगी कनेक्टिविटी

बता दें की फेज-4 की ये लाइन बन जाने से रेड लाइन से कनेक्टिविटी बढ़ जाएगी. पुल बंगश में मेट्रो की रेड लाइन पर एक एलिवेटेड स्टेशन पहले से ही बना हुआ है. अब उसके बगल में एक नटा अंडरग्राउंड स्टेशन बनाकर इसे एक इंटरचेंज स्टेशन के रूप में बदला जाएगा. यहां इंटरचेंज प्वाइंट बन जाने से उत्तरी दिल्ली और उत्तरी पूर्वी दिल्ली के बीच लोगों का आना-जाना और भी आसान हो जाएगा. इससे सड़क पर ट्रैफिक का प्रेशर थोड़ा और कम हो जायेगा.

By Kajal

Leave a Reply

Your email address will not be published.