नई दिल्ली :- दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने आज स्वास्थ्य सेवाओं और शिक्षा के क्षेत्र में सुधार के लिए केंद्र सरकार का साथ मांगा है. उन्होंने कहा कि मैं केंद्र से सरकारी स्कूलों में सुधार के लिए हमारी विशेषज्ञता का इस्तेमाल करने का आग्रह कर रहा हूं. सभी राज्य सरकारें इस क्षेत्र में मिलकर काम कर सकती हैं. बड़ी संख्या में सरकारी स्कूल खोलने, उनमें सुधार करने, अतिथि शिक्षकों को नियमित करने, बच्चों के बेहतर भविष्य के लिए शिक्षकों को प्रशिक्षित करने की आवश्यकता है.

“मुफ्त में दी जाने वाली रेवड़ी” कहना बंद कर दें

अरविंद केजरीवाल ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं और शिक्षा के क्षेत्र में सुधार के लिए वे केंद्र के साथ काम करने को तैयार हैं, कृपया इसे ‘‘मुफ्त में दी जाने वाली रेवड़ी” कहना बंद कर दें. उन्होंने कहा कि मैं जीते जी भारत को नंबर-1 देश देखना चाहता हूं.अरविंद केजरीवाल ने आगे कहा कि मैं हर गरीब को अमीर बनाना चाहता हूं. साथ ही कहा कि भारत अमीर देश तब बनेगा, ज़ब भारत के लोग अमीर हों जाएंगे.

फ्री बी कहना बंद करे

अरविंद केजरीवाल ने कहा कि सरकार के पास पैसे की बिल्कुल भी कमी नहीं है, दिल्ली में हो सकता है तो देश में क्यों नहीं हो सकता है. उन्होंने ब्रिटेन का उदाहरण देते हुए कहा कि इंग्लैंड में सबका इलाज मुफ़्त किया जाता है. 5 साल में ये सब भी हो सकता है, हम केंद्र सरकार के साथ मिलकर काम करने को भी तैयार हैं. लेकिन फ्री बी कहना बंद करना पड़ेगा.

अमेरिका का दिया उदाहरण

बता दें की सीएम केजरीवाल ने कहा कि अमेरिका अपने देश के हर बच्चे को अच्छी शिक्षा देता है, इसलिए अमेरिका अमीर देश है. उन्होंने कहा कि ये अमीर है, इसलिए अपने देश के बच्चों के अच्छी शिक्षा नहीं देता, बल्कि अच्छी शिक्षा की वजह से ही वह देश अमीर है.

By Kajal

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