दिल्ली सरकार बस के रूट को युक्तिसंगत बनाने जा रही है। इसमें सभी रूट में तालमेल बैठाने के साथ जरूरत के हिसाब से बसें चलेंगी। जैसा की दिल्ली मेट्रो यात्रियों को हर पांच मिनट पर सेवा देती है वैसे ही हर रूट पर इनकी संख्या भी मुसाफिरों के दबाव से तय होगी। बसों के जिस रूट पर यात्री कम होंगे, वहां कम बसें लगाई जाएंगी। व्यस्त रूट पर ज्यादा बसें चलेंगी।

दिल्ली सचिवालय में मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने बुधवार को उच्च स्तरीय बैठक की। इसमें परिवहन विभाग के अधिकारियों ने रूट रेशनलाइजेशन को लेकर की गई स्टडी के सुझावों को लागू करने के संबंध में प्रजेंटेशन दिया गया। रूट रेशनलाइजेशन के तहत दिल्ली के हर कोने से एक निश्चित समय अंतराल पर बसें मिल सकेंगी। इसके लिए रूट रेशनाइजेशन का काम पूरा कर लिया गया।

आपको बता दें की अभी दिल्ली में बसों के 625 बस रूट हैं। इन पर 7,200 बसें चल रही हैं। इसी तरह से मिनी/आरटीवी के 72 रूट हैं। इन पर 799 बसें चल रही हैं। मैक्सी कैब के 14 रूट हैं, जिन पर तकरीबन 120 वाहन चल रहे हैं। स्टडी के बाद अब 625 स्टैंडर्ड बसों के रूट में से 274 रूटों पर बसों की फ्रीक्वेंसी 5 से 10 मिनट की होगी। इसके अलावा बचे 351 रूटों पर मौजूदा समय में जिस तरह से बसें चल रही हैं, उसी तरह से आगे भी चलती रहेंगी। आने वाले समय में स्टैंडर्ड बसों की संख्या 7,200 से 8,494 की जाएगी।

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  • Abhishek Raj Is Journalist & Edtior Of Expresskhabar.in , Abhishek Raj writing news, views, reviews and interviews with expresskhabar.in.

By Abhishek Raj

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