उत्तरप्रदेश की राजधानी लखनऊ से कानपुर के बीच बनने वाला रैपिड रेल का पहला प्लानिंग 2015 में किया गया था और 21 जुलाई 2022 को फिर पत्र लिखने के बाद 31 अगस्त से पहले शासन स्तर पर मंथन हाेना है। रैपिड रेल चलने से औद्योगिक और शहरी विकास होगा। और आय में भी वृद्धि होगी।अगर सारे फैसले कुशल मंगल से हो जाए तो बहुत जल्द ही कानपुर से लखनऊ के बीच रैपिड रेल चलाने पर बातें चल रही है, जल्द ही धरातल पर उतरेगा। और उससे जनता के बहुत सारे मुश्किलों के हाल होंगे, और तो और अमौसी एयरपोर्ट तक का सफर भी 40 से 50 मिनट में ही पूरा हो जाएगा।

सूत्रों के मुताबिक साल 2021 में अप्रैल में तत्कालीन प्रमुख सचिव दीपक कुमार ने शासन स्तर पर वर्चुअल बैठक में रिक्वेस्ट फार प्रपोजल (आरएफपी) बनाने की बात कही थी, जो तैयार किया जा चुका है। 21, जुलाई 2022 को फिर से पत्र लिखे जाने पर आठ अगस्त को शासन में बैठक प्रस्तावित थी, लेकिन दुखद पूर्ण टल गई है फिलहाल के लिए।

आपकी जानकारी के लिए ये भी बता दे की अब 31 अगस्त से पहले मंडलायुक्त कानपुर डा. राज शेखर, उच्चस्तरीय संयुक्त विकास समिति के समन्वयक व स्वतंत्र निदेशक कानपुर स्मार्ट सिटी नीरज श्रीवास्तव की मौजूदगी में शहरी आवास एवं नियोजन के प्रमुख सचिव नितिन रमेश गोकर्ण के साथ इसी टॉपिक पे मंथन होगा।

इस सब क्रम के बाद कंसल्टेंट नियुक्त करने की कार्रवाई उप्र मेट्रो रेल कारपोरेशन से होगा। वर्तमान में कानपुर-लखनऊ के बीच रेलवे ट्रैक किनारे प्रस्तावित रैपिड रेल रूट से भूमि अधिग्रहण में भी आसानी होगी। काफी जमीन रेलवे से ही मिल जाएगी। अब इंटीग्रेटेड विकास का दौर होने से कानपुर-लखनऊ को ट्विन सिटी के रूप में विकसित किया जा सकेगा।

 यह है रेल रूट की प्लानिंग

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार प्राथमिक स्तर पर लखनऊ के अमौसी से बनी सड़क मार्ग के समानांतर, बनी से उन्नाव के जैतीपुर तक नया मार्ग विकसित करके और फिर कानपुर-लखनऊ रेल ट्रैक के समानांतर अजगैन, उन्नाव, मगरवारा होकर गंगा बैराज रैपिड रेल का अंतिम पड़ाव होगा।

 इनसे यह लाभ मिलेगा

: 02 घंटे में कन्नौज, कानपुर देहात, फर्रुखाबाद, फतेहपुर, हमीरपुर के लोग जा सकेंगे लखनऊ, अभी लगते चार से पांच घंटे।

: 02 बड़े शहरों के बीच आधुनिक विकास को गति मिलेगी।

: 20-25 शहरों को फायदा देने के लिए भविष्य में बुंदेलखंड से बढ़ा सकते जुड़ाव।

: 40 से 50 मिनट में कानपुर के लोग अमौसी हवाई अड्डा लखनऊ पहुंच सकेंगे।

रेल रूट के किनारों में दर्शाया जाएगा विकास का चित्र

: जैतीपुर से अजगैन तक उन्नाव जिले में औद्योगिक कारिडोर का विकास किया जा सकेगा।

: अजगैन से उन्नाव तक नियोजित आवासीय व वाणिज्यिक विकास को बल मिलेगा।

: उन्नाव से बैराज तक नियोजित आवासीय विकास आसान होगा।

: अमौसी से बनी तक लखनऊ जिले के अंतर्गत नियोजित विकास हो सकेगा।

: बनी से उन्नाव के जैतीपुर तक वेयर हाउस (विभिन्न उत्पादों के लिए गोदाम) विकास

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  • Abhishek Raj Is Journalist & Edtior Of Expresskhabar.in , Abhishek Raj writing news, views, reviews and interviews with expresskhabar.in.

By Abhishek Raj

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