यूपी से दिल्ली जाने वाले यात्रियों की संख्या में दिन प्रतिदिन इज़ाफ़ा होता जा रहा है आये दिन लाखों की तादात में यात्री यूपी से दिल्ली की और यात्रा करते हैं। इसको देखते हुए लोको ट्रैन की ट्रायल और टेस्टिंग शुरू कर दिया गया है। पिछले कई डिनो से रेलवे यात्रियों की सुविधा के लिए कई प्रयास कर रहे हैं। जानकारी के मुताबिक मेरठ में लोको ट्रेनें 160 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से रैपिड ट्रेन को दिल्ली पहुंचने में कुछ समय लग सकता है, लेकिन इससे पहले लोको ट्रेन इसके लिए बनाई जा रही सुरंगों के अंदर दौड़ चुकी है। ये ट्रेनें पटरियों पर भी चलती हैं। ड्राइवर बैठ जाता है, एक संकेत है। क्रॉस को ट्रैक के दूसरी तरफ भेजा जाता है। प्रत्येक सुरंग के अंदर दो लोकोमोटिव चल रहे हैं।

आपको बता दें की संबंधित सामान को लोको ट्रेन में टनल के अंदर लादकर मशीन तक पहुंचाया जाता है। इसमें टनल रिंग के पुर्जे, नट और बोल्ट, बेयरिंग सहित सभी उपकरण शामिल हैं। इस ट्रेन में छह डिब्बे होते हैं जिनमें मिट्टी निकाली जाती है। इसके लिए दो ट्रेनें हैं। बोगियों को असेंबल करने और सामान लोड करने के बाद, कोई मशीन पर जाता है, फिर माल उतार दिया जाता है और मशीन खुदाई शुरू कर देती है। मशीन मिट्टी को खोदकर उसकी बोगियों में भर देती है। जब बोगियां भर जाती हैं तो ट्रेन शुरू हो जाती है। जब ट्रेन आधी हो जाती है, तो दूसरी ट्रेन माल को लोड करती है और खाली बोगियों को मशीन तक ले जाती है।

सबसे बड़ा सवाल है की लोको ट्रैन चलने से क्या फायदा होगा तो आपको बता दें की लोको ट्रेन का उपयोग केवल सुरंग निर्माण सामग्री के परिवहन और मिट्टी वापस करने के लिए किया जा रहा है। टनल पूरी तरह बनकर तैयार हो जाने पर संचालन कंपनी ट्रेन को वापस ले जाएगी। इसलिए जो ट्रैक बिछाया गया है उसे भी हटा दिया जाएगा। रैपिड रेल के लिए नया ट्रैक बिछाया जाएगा।

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  • Abhishek Raj Is Journalist & Edtior Of Expresskhabar.in , Abhishek Raj writing news, views, reviews and interviews with expresskhabar.in.

By Abhishek Raj

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