भारत में कुपोषण की दर चौंकाने वाली हद तक घट चुकी है. इसके बावजूद, हमारा देश दुनिया में अविकसित और कमज़ोर बच्चों का सबसे बड़ा ठिकाना बना हुआ है. राज्यों के बीच बड़े पैमाने पर सांस्कृतिक और भौगलिक विविधताएं हैं. इनके चलते कुपोषण के खिलाफ जंग में जीत हासिल करने के लिए पोषण अभियान जैसी कोशिशों की ज़रूरत पड़ रही है. 2017 में राष्ट्रीय पोषण अभियान को सरकार ने कुपोषण के खिलाफ़ एक एकजुट व्यवस्था के तौर पर शुरु किया. ये ख़ास रिपोर्ट भारत में पोषाहार के लिए पहले किए गए प्रयासों और मौजूदा वक्त में जारी क़वायद का एक खाका पेश करती है. इसके साथ ही ये रिपोर्ट, उनकी कामयाबियों और नाकामियों की भी पड़ताल करती है. साथ ही ये उत्तर भारत में पोषण अभियान के अब तक के अनुभवों पर खास रौशनी डालती है, जिसका मक़सद राज्यों द्वारा अपनाए गए इनोवेटिव तरीक़ों और आधुनिक तकनीकों को और आगे बढ़ाना है. रिपोर्ट का निष्कर्ष उन विशिष्ट सुझावों के साथ होगा जिनके ज़रिए सन 2030 तक कुपोषण की समस्या से स्थायी तौर पर निजात मिल सके…

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की पहल पर यूपी में कुपोषण के खात्मे के लिए पोषण अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान में कुपोषितों को पोषण युक्त आहार मिल रहा है। वहीं, गांवों में काम कर रही स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को रोजगार भी मिला है। कोरोना काल में भी कुपोषित बच्चों और गर्भवती महिलाओं का ‘सहारा’ योगी सरकार बनी है। कुपोषण दुनिया भर में महिलाओं एवं बच्चों में बीमारियों और मृत्यु का एक प्रमुख कारण रहा है। यह संज्ञानात्मक विकास और सीखने की क्षमता पर प्रतिकूल प्रभाव डालता है जिससे उत्पादकता में कमी आती है। भारत सरकार ने देश में कुपोषण की उच्च दर जैसी समस्याओं से निपटने के लिए समय-समय पर कई योजनाएं शुरू की हैं। इनमें से कुछ योजनाएं 1975 में शुरू की गई एकीकृत बाल विकास योजना, 1993 में शुरू की गई राष्ट्रीय पोषण नीति, 1995 में शुरू की गई मध्याह्न भोजन योजना और 2013 में शुरू राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन आदि हैं।

राज्य सरकार कोरोना काल में भी कुपोषण की शिकार मां, बच्चे और लड़कियों के स्वास्थ्य में सुधार के लिए सभी आवश्यक कदम उठा रही है। बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार विभाग को इसके लिए सरकार ने महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी है। प्रदेश में आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों और स्वयं सहायता समूह के सदस्यों को फील्ड में कुपोषित बच्चों और गर्भवती महिलाओं को पोषक आहार वितरण में लगाया गया है। पोषण का लाभार्थियों को वितरण के लिए ऑनलाइन मॉनीटरिंग भी की जा रही है।

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  • Abhishek Raj Is Journalist & Edtior Of Expresskhabar.in , Abhishek Raj writing news, views, reviews and interviews with expresskhabar.in.

By Abhishek Raj

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