कहते है सावन का महीना गुलाबी मौसम, बारिश की फुहार, मिट्टी की खुशबू और झूलों ही बहार लेकर आता है। इतना ही नहीं यह देवों के देव यानि महादेव की भक्ति का भी विशेष महीना माना जाता है, शिव भक्त  पूरे साल बेसब्री से सावन महीने के आने का  इंतज़ार करते हैं।

सावन के महीने में  सोमवार के व्रत करने से लेकर शिव तीर्थों के दर्शन ( कांवड़ यात्रा)  तक यह पूरा महीना ही शिव भक्ति में लीन रहता है। लेकिन बहुत सारे ऐसे भी भक्त होते है जो नौकरी या किसी अन्य जरुरी कार्यों के  कारण से  शिव दर्शन को नहीं पहुंच पाते हैं, तो ऐसे में अगर उन्हें  बाबा का प्रसाद भी मिल जाये तो वह भी उनके लिए किसी आशीर्वाद से कम नहीं होता है। बस भक्तों को इस प्रसाद रूपी आशीर्वाद का लाभ देने के उद्देश्य से काशी विश्वनाथ मंदिर ने बहुत ही आसान रास्ता निकाल लिया  है।

घर बैठे मिलेगा प्रसाद बस करना होगा यह काम :

भारतीय डाक विभाग(Post Office) और काशी विश्वनाथ मंदिर (Kashi Vishwanath) ट्रस्ट ने मिलकर यह रास्ता निकाला है  जिससे  देश के किसी भी कोने में रह रहे श्रद्धालु स्पीड पोस्ट से काशी विश्वनाथ मंदिर का प्रसाद सीधे अपने घर पर मंगवा सकते हैं। इसके लिए बस अपने नजदीकी डाकघर से मात्र 251 रुपये का इलेक्ट्रानिक मनीऑर्डर प्रवर अधीक्षक डाकघर, वाराणसी (पूर्वी) मंडल 221001 के नाम भेजना होगा।

ई-मनीआर्डर(Money order) प्राप्त होने के बाद  डाक विभाग द्वारा तत्काल दिए गए पते पर स्पीड पोस्ट द्वारा प्रसाद भेज दिया जाएगा। आपको बता दें की यह डिब्बा बंद प्रसाद टेंपर प्रूफ एनवलप में होगा, जिस पर वाराणसी के घाट पर जारी डाक टिकट की प्रतिकृति भी अंकित होगी जिससे  किसी भी तरह की छेड़छाड़ नहीं की जा सकती है। हालाँकि,वाराणसी के सिटी डाकघर के काउंटर से प्रसाद मात्र 201 रुपये में भी प्राप्त किया जा सकता है।

इसके साथ ही डाक विभाग ने ये भी प्रबंध किए हैं कि श्रद्धालुओं को मोबाइल नंबर पर स्पीड पोस्ट का विवरण एसएमएस के माध्यम से मिले। इसके लिए उन्हें ई-मनीआर्डर में अपना पूरा पता, पिन कोड और मोबाइल नंबर लिखना अनिवार्य होगा।

क्या होगा कशी विश्वनाथ के इस प्रसाद में :

आपकी जानकारी के लिए यह बता दें की इस  प्रसाद में काशी विश्वनाथ ज्योतिर्लिंग की छवि, महामृत्युंजय यंत्र, श्री शिव चालीसा, 108 दाने की रुद्राक्ष की माला, बेलपत्र, माता अन्नपूर्णा से भिक्षाटन करते भोले बाबा की छवि अंकित सिक्का, भभूति, रक्षा सूत्र, रुद्राक्ष मनका, मेवा, मिश्री का पैकेट इत्यादि शामिल हैं। गौरतलब है की सूखा होने के कारण यह प्रसाद जल्दी ख़राब नहीं होता और लंबे समय तक इस्तेमाल किया जा सकता है।

 

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  • Abhishek Raj Is Journalist & Edtior Of Expresskhabar.in , Abhishek Raj writing news, views, reviews and interviews with expresskhabar.in.

By Abhishek Raj

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