पुरी रथ यात्रा 14 जुलाई से शुरू हो रही है जो हर साल आयोजित होने वाली यात्रा है। पुरी भी एक प्रवित्र धाम है जैसे चार धाम है। हर साल लाखों की तादात मे दुनियाभर से श्रद्धालु इस भगवान जगन्नाथ की यात्रा का हिस्सा बनने आते है। पुरी में भगवान जगन्नाथ का मंदिर है इसलिए इसे जगन्नाथपुरी भी कहते हैं। ओडिशा के पवित्रधाम पुरी में हर साल होने वाली जगन्नथ रथ यात्रा शुरू हो चुकी है।

ज्यादातर लोग पुरी को जगन्नाथपुरी भी कहते है, क्योंकी यहां भगवान जगन्नाथ का विशाल मंदिर है। ओडिशा की राजधानी भुवनेश्वर के दक्षिण में स्थित पुरी शहर तक यातायात के सुगम साधन उपलब्ध हैं। रेलवे के अधिकारियो ने गोरखपुर के रास्ते गोमतीनगर (लखनऊ) से पुरी (ओडीशा) तक के लिए कई नई ट्रेने चलाने की अनुमति दे दी है।

इन ट्रेनों का मार्ग कुछ इस प्रकार होगा भटनी, मऊ, वाराणसी और गया होते हुए चलेगी फिलहाल अभी तक इन ट्रेनों का मार्ग पे रुकने का समय अभी निर्णय नहीं लिया गया। यह निर्णय अभी ईस्ट कोस्ट की सहमति के बाद लिया जायेगा। भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा के चलते ईस्ट कोस्ट रेलवे की तरफ से अभी सहमति नहीं मिल पा रही है।

 

पूर्वी उत्तर प्रदेश से हज़ारो लोग पुरी की यात्रा करते है। पिछले कई सालो से गोरखपुर से पुरी तक सीधी ट्रेन चलाने की मांग चल रही है। पूर्वोत्तर रेलवे प्रशासन के प्रस्ताव पर अनुमति देकर रेलवे बोर्ड ने प्रवित्र धाम की राह कर दी है। संभावना है की रथयात्रा की की समाप्ति पर 15 जुलाई के बाद ईस्ट कोस्ट रेलवे और दूसरे जोन की सहमति से रुट पर अंतिम निर्णय के साथ ठहराव और समय का निर्धारण हो जायेगा।

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  • Abhishek Raj Is Journalist & Edtior Of Expresskhabar.in , Abhishek Raj writing news, views, reviews and interviews with expresskhabar.in.

By Abhishek Raj

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