यूपीएससी की परीक्षा में भी कई तरह के एवरेज स्टूडेंट रिजल्ट देते हैं. हर साल लाखों विद्यार्थियों UPSC की परीक्षा देते हैं और उसमें से कुछ विद्यार्थी सफल भी होते हैं. कुछ विद्यार्थी कड़ी मेहनत के बाद भी असफल हो जाते है. लेकिन अगर ऐसा कहा जाये की टोपर स्टूडेंट ही परीक्षा को पास कर पाए ऐसा कहना शायद गलत होगा। .. जब बात यूपीएससी की होती है और इसमें पास कैंडिडेट्स का बैकग्राउंड उठाकर देखो तो अक्सर ऐसा होता है कि वे या तो हमेशा से टॉपर रहे होते हैं या और भी बहुत से कांपटीटिव एग्जाम्स में अपना झंडा गाड़ चुके होते हैं. हम आपको दिल्ली के रहने वाले लक्ष्य सिंघल की कहानी बताने जा रहे हैं जो इस मामले में बिल्कुल अलग थे. उन्होंने बारहवीं के बाद इंजीनियरिंग ज्वॉइन करने के लिए जितनी भी परीक्षाएं दी जैसे एआईईईई, जेईई वगैरह, वे किसी में सेलेक्ट नहीं हुए. अंततः उन्होंने दिल्ली की एक स्टेट यूनिवर्सिटी में एडमीशन ले लिया. उनके लगातार फेल होने से उनके परिवार का भरोसा उन पर से उठ गया था लेकिन लक्ष्य ने न केवल इस भरोसे को फिर से जीता बल्कि क्लास दस में देखा सिविल सर्वेंट बनने का अपना सपना भी पूरा किया.

लक्ष्य अपनी कहानी को बया करते हुए बताते हैं की उनके पिता व्यापारी हैं और मां गृहणी हैं . उनके खानदार में कोई सिविल सर्विस तो क्या सरकारी नौकरी में क्लर्क भी नहीं रहा. ऐसे में इस परीक्षा के लिए गाइडेंस या इंस्पिरेशन तो छोड़ो उन्हें इसके बारे में पता तक नहीं था. लक्ष्य के बिल्कुल बगल में रहने वाले पड़ोसी का बेटा जिस समय लक्ष्य क्लास दस में थे तब आईपीएस सेवा के लिए सेलेक्ट हो गया. उन्हें लेने रोज़ सरकारी गाड़ी सायरन बजाते हुए आती थी. लक्ष्य का बाल मन इस गाड़ी और इस रुतबे से बहुत प्रभावित हो गया. इसी समय लक्ष्य ने सोचा कि बड़े होकर वे भी सिविल सर्विसेस में जाएंगे. इसी समय उनके दसवीं में काफी अच्छे अंक आने से मां-बाप और परिवार के बीच जो महत्व मिलने लगा था, वे उससे भी बहुत प्रभावित थे. लक्ष्य सोचने लगे थे कि पढ़ाई और पद आपको जीवन में बहुत कुछ दिला सकता है खासकर सम्मान और रुतबा. लेकीन उनके आड़े आता था उनका ये सोचना की परीक्षा में फ़ैल होने के बाद वो इतनी बड़ी परीक्षा में सफल कैसे होंगे। .

जब लक्ष्य ने UPSC की परीक्षा में टॉप किया तो उन्होंने अन्य विद्यार्थियों को सलाह दिया की कड़ी मेहनत से ही आप अपना लक्ष्य हासिल कर पाएंगे. बस आप सही रणनीति से कोशिश करे और मेहनत करे.लक्ष्य ने बताया की upsc मे धैर्य रखने की जरूरत होती है. असफलता से कभी हार नहीं मानना चाहिए बल्कि हर हाल मे डटे रहो ज़ब तक सफल ना हो जाओ. यही कहानी लक्ष्य जैसे कई नौजवानो को प्रेरित करती है की आप जो चाहो कर सकते हो

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  • Abhishek Raj Is Journalist & Edtior Of Expresskhabar.in , Abhishek Raj writing news, views, reviews and interviews with expresskhabar.in.

By Abhishek Raj

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