कोरोना वायरस के संक्रमण के बाद मार्च 2020 से लेकर अगस्त 2020 तक बंद रही दिल्ली मेट्रो के पिछले 1 साल से एनसीआर मे रफ़्तार भर रही है। लेकिन इसका घाटा अब भी कम नहीं हुआ। DMRC (दिल्ली मेट्रो रेल कारपोरेशन) के मुताबिक कोरोना काल से पहले dmrc रोजाना 10 करोड़ कमा लेती थी और अब कोरोना काल के बाद रोजाना 3 करोड़ से कम ही कमा पाती है। दिल्ली मेट्रो ने यह भी बताया की पिछले डेढ़ साल से दिल्ली मेट्रो 3000 करोड़ के घाटे मे है।

इस घाटे को पूरा करने मे महीने नहीं लगभग सालो लग जायेंगे। बता दे की 23 मार्च, 2020 से कोरोना महामारी के चलते लगे राष्ट्रव्यापी लॉकडाउन के चलते दिल्ली मेट्रो रेल निगम को भारी नुकसान उठाना पड़ा। डीएमआरसी के मुताबिक मार्च 2020 से अगस्त 2020 तक कुल 2800 करोड़ तक का घाटा हुआ। सितंबर 2020 से जनवरी 2021 तक दिल्ली मेट्रो का और 1200 करोड़ का घाटा हुआ।

कोरोना की दूसरी लहर आने के बाद दिल्ली मेट्रो पूरी छमता से नहीं दौड़ पायी। जिसके अनुसार दिल्ली मेट्रो फिलहाल 100 फीसद सीटिंग कैपिसिटी के साथ ही दौड़ रही है। ऐसे मे लागत की तुलना मे कमाई बहुत कम है। इसी कमी से दिल्ली मेट्रो का घाटा कम होने के बजाये बढ़ रहा है। जबकि पिछले 1 साल से ट्रेने रफ़्तार भर रही है।

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  • Abhishek Raj Is Journalist & Edtior Of Expresskhabar.in , Abhishek Raj writing news, views, reviews and interviews with expresskhabar.in.

By Abhishek Raj

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