ये रैपिड रेल दिल्ली-मेरठ, दिल्ली-अलवर और दिल्ली-पानीपत तीनों ही कारिडोर पर 50 प्रतिशत तक हरित ऊर्जा से दौड़ेगी. दिसंबर 2022 से ही रैपिड रेल दुहाई से साहिबाबाद स्टेशन के बीच चलने लगेगी। भारत की पहली रीजनल ट्रांजिट रैपिड रेल (Delhi-Meerut Rapid Rail) इसी साल के आखिर से चलनी शुरू हो जाएगी.

इसके बाद साल 2025 तक ये 82 किमी लंबे अपने कॉरिडोर पर पूरी तरह ऑपरेशनल हो जाएगी.इस रेल में शुरुआत में छह डिब्बे होंगे। यदि यात्रियों की संख्या बढ़ी या सामान लाने-ले जाने की मांग बढ़ी, तो डिब्बे भी बढ़ा दिए जाएंगे. हालांकि इस रेल में अधिकतम 9 डिब्बे ही रहेंगे।

इस ट्रेन के सारे डिब्बे गुजरात मे बन रहे है। बता दें कि मेरठ शहर की मेट्रो भी इसी पटरी पर चलेगी। मिली जानकारी के मुताबिक मेरठ में मेट्रो तीन डिब्बों वाली चलेगी, इसे लाइट मेट्रो कहा जाएगा। मिली जानकारी के मुताबिक मेरठ में मेट्रो तीन डिब्बों वाली चलेगी, इसे लाइट मेट्रो कहा जाएगा। इस साल के अंत में रैपिड रेल शुरू हो जाएगी।

 

राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र परिवहन निगम (एनसीआरटीसी) के अध्ययन के अनुसार रैपिड रेल से दिल्ली व मेरठ के बीच पार्सल वाले सामान भी खूब भेजे जाएंगे। सामान की बुकिंग से एनसीआरटीसी को विशेष लाभ होगा। आरआरटीएस एक नई रेल आधारित प्रणाली है जो दिल्ली को मेरठ, अलवर और पानीपत जैसे क्षेत्रीय नोड्स से गति के साथ जोड़ेगी और वर्तमान यात्रा समय को एक तिहाई कर देगी।

 

आरआरटीएस पारंपरिक रेलवे और मेट्रो से अलग है. यह यात्रियों को तेज रफ्तार और कम स्टापेज के साथ लंबी दूरी की यात्रा करने की सुविधा प्रदान करेगा। दिल्ली-मेरठ, दिल्ली-अलवर और दिल्ली-पानीपत तीनों ही कारिडोर पर रैपिड रेल 50 प्रतिशत तक हरित ऊर्जा से दौड़ेगी।

Author

  • Abhishek Raj Is Journalist & Edtior Of Expresskhabar.in , Abhishek Raj writing news, views, reviews and interviews with expresskhabar.in.

By Abhishek Raj

Abhishek Raj Is Journalist & Edtior Of Expresskhabar.in , Abhishek Raj writing news, views, reviews and interviews with expresskhabar.in.

Leave a Reply

Your email address will not be published.