रेलवे क्रॉसिंग पर फाटक बंद होने के चलते हैं लोगों को घंटों धूप में खड़ा होना पड़ता है और फाटक खुलने का इंतजार करना पड़ता है। ऐसे में रेलवे क्रॉसिंग के दोनों तरफ लंबी लंबी जाम लग जाती है जिससे लोगों का समय और इंधन दोनों बर्बाद होता है। यही नहीं रेलवे क्रॉसिंग पर जाम लगने के चलते हैं दुर्घटना होने का भी संभावना बढ़ जाता है। रेलवे क्रासिंग के चलते यातायात में कोई दिक्कत ना हो और दुर्घटनाएं को भी रोका जा सके इस पर केंद्र और राज्य की सरकार मिलकर इस योजना पर काम करेगी। बता दें कि उत्तर प्रदेश में 300 रेलवे क्रॉसिंग पर रेल ओवर ब्रिज या रोड अंडर ब्रिज बनाने की जरूरत को समझा गया है। केंद्र सरकार सेंट्रल रोड इन्फ्राट्रक्चर फंड से 90% पैसा बनाने के लिए देगी। इसके अलावा भारत सरकार के सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय रेल मंत्रालय के साथ यूपी सरकार का एमओयू सहमति होगी इस प्रस्ताव पर योगी कैबिनेट के द्वारा मंजूरी दे दी गई है।

 

पत्रकारों से बातचीत के दौरान लोक निर्माण विभाग के मंत्री जितिन प्रसाद के बताने के अनुसार एमओयू के प्रस्ताव और उसके ड्राफ्ट को अनुमति मिल गई है। जिसके तहत आर ओ बी और आर यू बी के निर्माण के लिए हर एक पर प्रदेश सरकार को लगभग 10% लागत का देना होगा। जो भूमि अध्याप्ति एवं यूटिलिटी शिफ्टिंग के लिए होगा और बाकी के भारत सरकार के दोनों मंत्रालय देंगे। उनके द्वारा आगे बताया गया कि प्रदेश में लगभग 3165 रेलवे क्रॉसिंग ऐसे हैं जिनमें 470 से अधिक ट्रैफिक व्हीकल कल यूनिट एक लाख से अधिक है। जिनमें से 300 क्रॉसिंग पर रेल ओवर ब्रिज या रोड अंडर ब्रिज के निर्माण को आवश्यक समझा गया है। सेंट्रल रोड इंफ्रास्ट्रक्चर फंड से मिलने पैसों से राज्य मार्ग ,मुख्य जिला मार्ग और अन्य जिला मार्ग पर दुर्घटना संभावित रेलवे के क्रॉसिंग पर रोड अंडर ब्रिज या रेल ओवर ब्रिज बनाया जाएगा।

 

सीएम योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई कैबिनेट की बैठक में इस प्रस्ताव पर सहमति दी गई। प्रदेश सरकार के साथ ही मोर्थ और रेलवे मंत्रालय सुरक्षित एवं निर्बाध यात्रा सुनिश्चित कराने के लिए महत्वपूर्ण क्रॉसिंग पर रेल उपरिगामी सेतु (आरओबी) का निर्माण कराए जाने पर सहमत हैं.. एमओयू के अनुसार, प्रदेश के राज्यमार्ग, जिला मार्ग व अन्य जिला मार्गों पर जहां रोजाना एक लाख से ज्यादा वाहन गुजरते हैं यानी तकनीकी भाषा में टीवीयू एक लाख से अधिक है, वहां आरओबी का निर्माण किया जाना प्रस्तावित है। भूमि अधिग्रहण और यूटिलिटी शिफ्टिंग पर आने वाला व्यय राज्य सरकार वहन करेगी। शेष धनराशि मोर्थ और रेलवे विभाग समान रूप से वहन करेंगे। इस तरह से राज्य सरकार के हिस्से में 5-10 प्रतिशत खर्च आने से राज्य सरकार के संसाधनों में काफी बचत होगी।

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  • Abhishek Raj Is Journalist & Edtior Of Expresskhabar.in , Abhishek Raj writing news, views, reviews and interviews with expresskhabar.in.

By Abhishek Raj

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