यूपी के संगम नगरी प्रयागराज के बाद अब मथुरा से वृंदावन के बीच भी लाइट मेट्रो (Mathura Vrindavan Light Metro) चलाई जाएगी। हाल ही में यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ( yogi adityanath) ने दिल्ली में केंद्रीय मंत्रियों व अधिकारियों के साथ मथुरा ब्रज क्षेत्र के विकास की विभिन्न योजनाओं पर विचार-विमर्श किया। इसी बैठक में बैठक में मथुरा-वृंदावन के बीच 1000 करोड़ रुपये से लाइट रेल चलाने की योजना को मंजूरी दी गई। इसके बाद बैठक में मथुरा-वृंदावन रेल मार्ग प्रोजेक्ट पर विचार-विमर्श किया गया। रेलमंत्री अश्विनी वैष्णव ने जानकारी दी कि इस परियोजना पर मंडल रेल प्रबंधक आगरा के यहां गतिशक्ति यूनिट स्थापित कर दी गई है। अब वह जल्दी ही मथुरा-वृंदावन लाइट रेल योजना शुरू करने के लिए डीपीआर बनाने का काम शुरू हो जाएगा। लाइट मेट्रो परियोजना पर लगभग 1000 करोड़ रुपये का खर्च आए। इससे श्रद्धालुओं को मथुरा से वृंदावन आने-जाने में सहूलियत होगी, वे बिना ट्रैफिक जाम में फंसे अपनी यात्रा कर सकेंगे।

मथुरा और वृंदावन के बीच 13 किमी का रेलवे ट्रैक है, जो फिलहाल किसी काम नहीं आ रहा है। इस पर पहले ट्रेन चला करती थी। बाद में यहां रेल बस संचालन शुरू किया गया। ये फिलहाल चल तो रही है, लेकिन अनियमित होने के कारण यात्रियों, पर्यटकों या श्रद्धालुओं के लिए यात्रा की पहली पसंद नहीं है और नाममात्र के लोग इसमें सफर करते हैं। इस रेल मार्ग के सदुपयोग के लिए सांसद हेमामालिनी ने गंभीरता दिखाई है। उन्होंने पहले ही मथुरा और वृंदावन के बीच हेरिटेज ट्रेन या राधारानी ट्रेन चलवाने की कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए थे, जिसके बाद उप्र ब्रज तीर्थ विकास परिषद ने मथुरा-वृंदावन के बीच हेरिटेज ट्रेन का पूरा प्रस्ताव तैयार कराया था। इसी संबंध में दोनों ने रेल मंत्री से मुलाकात की।

दावा किया जा रहा है कि मौजूदा मेट्रो सिस्टम के मुकाबले लाइट मेट्रो की लागत लगभग आधी होगी। अभी तक लाइट मेट्रो के बारे में कहा जा रहा है कि लाइट मेट्रो ज्यादातर जमीन पर ही दौड़ेगी और बहुत जरूरी होने पर ही उसे एलिवेटिड बनाया जाएगा। यही नहीं, इसके स्टेशन भी एक बड़े बस स्टैंड की तरह होंगे। मौजूदा मेट्रो की तरह सिक्युरिटी के इंतजाम भी वहां नहीं होंगे। ट्रेनें भी अपेक्षाकृत छोटी होंगी और उनमें टिकटिंग सिस्टम बसों की तरह ही होगा। यानी ट्रेन के अंदर जाकर पैसेंजर को अपना कार्ड पंच करना होगा। इस तरह खर्च में भारी कटौती हो जाएगी। अभी मेट्रो लाइन की औसत लागत ढाई सौ से साढ़े तीन सौ करोड़ रुपये प्रति किमी आती है, जो लाइट मेट्रो के लिए कम होकर सवा सौ से डेढ़ सौ करोड़ रुपये पर आ जाएगी।

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  • Abhishek Raj Is Journalist & Edtior Of Expresskhabar.in , Abhishek Raj writing news, views, reviews and interviews with expresskhabar.in.

By Abhishek Raj

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