दिल्ली मे आम आदमी पार्टी द्वारा मुहीम  चलाया जा रहा है जिसमे जिन गाड़ियों का कागज पुरे नहीं है या जो वैध प्रमाणपत्र फिटनेस गाड़िया लेकर चल रहे है उनपर 10000 का दंड लगाया जा रहा जाएगा।इसमें सरकारी विभागों से वाहन भी शामिल हैं। ऐसा किया जाना मोटर वाहन अधिनियम 1988 एवं इसके अंतर्गत बनाए गए नियमों का विरुद्ध है।विभाग मे कहा है की इस कार्यवाही से बचने के लिए निश्चित समय के अंदर ही अपना फिटनेस प्रमाणपत्र बनवा ले।

विभाग ने सड़को पर चलने चलने वाले अवैध फिटनेस वाहनों मे वाहन अधिनियम 1988 की धारा 192 के तहत पहले अपराध पर 2000 से 5000 और दूसरे अपराध पर 5000-10000 का जुर्माना के साथ 1 साल का कारावास का भी नियम है।

आपको बता दें कि केंद्रीय मोटर वाहन अधिनियम 1989 के नियम 62 के अनुसार 8 साल तक के पुराने वाहनों के लिए फिटनेस प्रमाणपत्र 2 साल में एक बार और 8 साल से अधिक पुराने वाहनों के लिए एक वर्ष की अवधि के लिए वैध होता है । ई – रिक्शा के संबंध में फिटनेस प्रमाणपत्र की वैधता 3 साल की अवधि के लिए है।

लोग इन नियमों को उल्लंघन करते हैं

रेड लाइट जपिंग

ओवर स्पीडिंग

प्रदूषण प्रमाण पत्र नहीं होना

Author

  • Abhishek Raj Is Journalist & Edtior Of Expresskhabar.in , Abhishek Raj writing news, views, reviews and interviews with expresskhabar.in.

By Abhishek Raj

Abhishek Raj Is Journalist & Edtior Of Expresskhabar.in , Abhishek Raj writing news, views, reviews and interviews with expresskhabar.in.

Leave a Reply

Your email address will not be published.