दिल्ली-एनसीआर में रेलवे भूमि पर अतिक्रमण बड़ी समस्या है। इससे रेलवे की कई परियोजनाओं का काम बाधित हो रहा है। रिंग रेल नेटवर्क के विकास का लोगों को इंतजार है। कोरोना संकट के दौर में ट्रेनों की आवाजाही बुरी तरह प्रभावित हुई थी। रिंग रेल, अतिक्रमण हटाने, रेलवे स्टेशनों यात्री सुविधाएं बढ़ाने, यात्रियों की सुरक्षा लोकल ट्रेनों के संचालन सहित अन्य मुद्दों पर संतोष कुमार सिंह ने दिल्ली मंडल के मंडल रेल प्रबंधक (डीआरएम) डिम्पी गर्ग से बातचीत की है। पेश हैं बातचीत के मुख्य अंश

दिल्ली में सार्वजनिक परिवहन प्रणाली को मजबूत करने के लिए वर्ष 2016 में रिंग रेल को विकसित करने का फैसला किया गया था। इस योजना पर काम क्यों नहीं हुआ?

– अतिक्रमण मुख्य कारण है। रिंग रेल नेटवर्क पर लगभग 130 प्रतिशत ट्रैफिक है। इस नेटवर्क पर अधिकांश मालगाड़ियां चलती हैं। पैसेंजर ट्रेन चलाने के लिए अतिरिक्त पटरी बिछानी होगी। इसके साथ स्टेशनों पर यात्री सुविधाएं बढ़ाने के लिए अन्य विकास कार्य करने होंगे। विकास कार्य के लिए रेल पटरी और स्टेशनों के बिल्कुल साथ बसी हुई अवैध झुग्गियों को हटाना जरूरी है।

अतिक्रमण हटाने में क्या बाधा है?

– मामला सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन है। सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने के बाद ही इस दिशा में कुछ काम हो सकता है।

रिंग रेल नेटवर्क के अलावा भी कई स्थानों पर पटरी के आसपास अतिक्रमण है, उसे क्यों नहीं हटाया जा रहा है?

– अदालत से जहां अतिक्रमण हटाने पर रोक नहीं है, उसे हटाया जा रहा है। जल्द ही इसे लेकर अभियान शुरू होगा। अतिक्रमण रोकने के लिए पटरी के किनारे कईं स्थानों पर दीवार भी बनाई जा रही है। बुनियादी ढांचे के विकास के लिए अतिक्रमण हटाना जरूरी है।

यात्रियों की सुरक्षा के लिए क्या किया जा रहा है?

– रेल पटरी के आसपास अवैध झुग्गियों की आड़ में अपराधी तत्व फायदा उठाते हैं। अतिक्रमण की वजह से ट्रेनों की गति बहुत धीमी करनी पड़ती है जिससे कई बार अपराधी ट्रेन में सवार होकर अपराध करते हैं। इसे रोकने के लिए संवेदनशील स्थानों पर रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) की तैनाती की जाती है। रेल प्रशासन द्वारा रेलवे स्टेशनों पर सीसीटीवी कैमरों की संख्या बढ़ाई जा रही है।

रेलवे स्टेशनों पर यात्री सुविधाएं बढ़ाने के लिए क्या कदम उठाए जा रहे हैं?

नई दिल्ली, पुरानी दिल्ली सहित अन्य स्टेशनों पर कई विकास कार्य हुए हैं। यात्री सुविधाओं में बढ़ोतरी हुई है। नई दिल्ली रेलवे स्टेशन के पुनर्विकास कार्य की प्रक्रिया शुरू होने वाली है। दिल्ली छावनी स्टेशन का भी पुनर्विकास होगा जिससे यात्रियों को आधुनिक सुविधाएं मिलेंगी।

हजरत निजामुद्दीन रेलवे स्टेशन पर सराय काले खां की तरफ इमारत पर्याप्त नहीं है। यात्रियों को आवागमन में परेशानी होती है। समस्या हल करने के लिए रेल प्रशासन क्या कर रहा है?

– सराय काले खां की तरफ की जमीन रेलवे की नहीं है। इससे इमारत का विस्तार नहीं हो सका है। संबंधित एजेंसी से जमीन मांगी है। हजरत निजामुद्दीन रेलवे स्टेशन की मुख्य इमारत का विस्तार किया जा रहा है।

कोरोना से पहले की तुलना में इस समय कितनी ट्रेनों का संचालन शुरू हो सका है?

– लंबी दूरी की लगभग सभी ट्रेनें पटरी पर लौट आई हैं। लोकल ट्रेनों में से 40 प्रतिशत चलने लगी हैं।

स्वच्छता रैंकिंग में स्थिति सुधारने के लिए क्या कदम उठाए जा रहे हैं?

– नई दिल्ली और पुरानी दिल्ली सहित राजधानी के अन्य स्टेशनों पर आने वाले यात्रियों की संख्या बहुत ज्यादा है। बावजूद इसके स्टेशन परिसरों को साफ रखने के लिए हर जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं। बड़े स्टेशनों पर मशीन से सफाई होती है। कचरा निस्तारण का काम निजी एजेंसी को दिया गया है। 27 स्टेशनों से कचरा एकत्र कर उसे रिसाइकिल किया जाता है। खाद भी तैयार की जाती है। पहले कचरा निस्तारण पर प्रत्येक वर्ष 50 लाख रुपये खर्च होता था। अब रेलवे को लगभग 10 लाख रुपये का राजस्व मिलता है।

पुरानी दिल्ली व अन्य स्टेशनों पर नए एफओबी बनाने की योजना का क्या हुआ?

– पुरानी दिल्ली स्टेशन पर प्लेटफार्म संख्या एक से 14 को जोड़ने वाले दो एफओबी की जगह नए एफओबी बनाने की योजना है। अगले दो वर्षों में दो नए एफओबी तैयार हो जाएंगे।

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  • Abhishek Raj Is Journalist & Edtior Of Expresskhabar.in , Abhishek Raj writing news, views, reviews and interviews with expresskhabar.in.

By Abhishek Raj

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