दिल्ली एनसीआर में बिजली का संकट गहराता ही जा रहा है। देश के कई राज्यों में कोयले की कमी से बिजली उत्पदान में भारी कमी देखने को मिल रही है पिछले दिनों में महारष्ट्र सरकार ने जगह जगह लोडशेडिंग की थी जिससे बिजली की सप्लाई में कमी आयी थी अब राजधानी दिल्ली में भी बिजली का संकट गहराता हुआ देखा जा रहा है

पूरे देश भर में कोयले की कमी से बिजली संकट तेजी से बढ़ रहा है जिससे आने वाले दिनों में देश पावर क्राइसेस की तरफ बढ़ रहा है….. दिल्ली सरकार ने बिजली के संकट को देखते हुए केंद्र की सरकार को इस मुद्दे पर कई बार खत भी लिखे हैं जिससे देखते हुए उन्होंने ये अपील की है कि देश को पावर क्राइसेस से बचने के लिए ठोस कदम उठाने की जरूरत है…..

जैसा की हम सब जानते है की आधे से ज्यादा दिल्ली की जनता मेट्रो पर निर्भर है और अस्पतालों में भी काफी भीड़ है लेकिन ऐसी जानकारी आरही है की आने वाले दिनों में पावर क्राइसेस अपका असर दिल्ली मेट्रो और वहां के अस्पतालों पर भी पद सकता है… राजधानी दिल्ली में दादरी-दो, ऊंचाहार, कहलगांव, फरक्का और झज्जर बिजली संयंत्र से प्रतिदिन 1751 मेगावाट बिजली की आपूर्ति होती है। दिल्ली के मंत्री सत्येंद्र जैन का कहना है कि बिजली संयंत्रों से दिल्ली को कुल मांग की लगभग 30 प्रतिशत बिजली मिलती है। इस बीच गर्मी में लगातार इजाफा हो रहा है, ऐसे में अगर बिजली आपूर्ति बाधित होती है तो दिल्लीवासियों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। दिल्ली में बिजली संकट न हो इसके लिए दिल्ली सरकार हरसंभव प्रयास कर रही है।

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  • Abhishek Raj Is Journalist & Edtior Of Expresskhabar.in , Abhishek Raj writing news, views, reviews and interviews with expresskhabar.in.

By Abhishek Raj

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