अब यह संभव हो गया है की दिल्ली मेट्रो की तर्ज पर भारतीय रेलवे स्टेशनों के नाम निजी कंपनियों के नाम पर रखे जा सकते हैं। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार रेलवे द्वारा अब अपने स्टेशनों के रेट्स तय किये जा रहे हैं। जिसमे अलग-अलग कैटेगरी के स्टेशनस को देखते हुए उनके अनुसार रेट्स तय किये जाएंगे। जहाँ यह बताया जा रहा है की जिन स्टेशनों पर ज्यादा आवाजाही होती है उन स्टेशनों के साथ जुड़ने के लिए निजी कंपनियों को ज्यादा पैसे खर्च करने होंगे। बता दें की यह सारी कार्यविधि नॉन फेयर रेवेन्यू के तहत की जा रही है। जिसमे रेलवे किराए या माल भाड़े के अलावा और किस तरह से रेलवे अपनी आमदनी बढ़ सकता है यह एक देखने वाली बात है।

हमने देखा है की अक्सर लोकल ट्रेनों और प्लेटफार्मस पर भी कई प्राकार के विज्ञापन हमे देखने को मिल जाते हैं लेकिन किसी निजी कंपनी के नाम पर रेलवे स्टेशन के नाम को जोड़ने का यह पहला प्रयास होगा।

भारतीय रेलवे हमेशा से ही चर्चा का विषय बना रहता है जहाँ आये दिन रेलवे के निजीकरण को लेकर खबरें देखने को मिल जाती है। हलाकि पिछले महीने आये रेल मंत्री अश्विनी वैश्नव के बयान में उन्होंने कहा था कि रेलवे का निजीकरण होना सम्भव नहीं है। क्योंकि पटरियां , इंजन , स्टेशन और बिजली के तार सभी रेलवे के हैं। इसके अलावा डिब्बे और सिग्नल प्रणाली भी रेलवे की ही हैं।

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  • Abhishek Raj Is Journalist & Edtior Of Expresskhabar.in , Abhishek Raj writing news, views, reviews and interviews with expresskhabar.in.

By Abhishek Raj

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