10 साल पुराने डीजल वाहन और 15 साल पुराने पेट्रोल वाहन चलाने वाले लोगों की मुश्किलें अब बढ़ने वाले हैं। बता दें दिल्ली एनसीआर में 10 साल पुराने डीजल और 15 साल पुराने पेट्रोल वाहन चलाने की मनाही है। दिल्ली के सड़कों पर ऐसे वाहनों का देखे जाने पर दिल्ली परिवहन विभागों द्वारा इन वाहनों को जब्त किया जा रहा है। वहीं इन्हे स्क्रैप के लिए भेजा जा रहा है। दिल्ली की सड़कों पर ऐसे वाहनों पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। इस वाहन दिल्ली के बाहर ही चलाया जा सकता है लेकिन आपको बता दें 1 अप्रैल से दिल्ली छोड़ पूरे देश में पुराने वाहनों का रजिस्ट्रेशन महंगा होने वाला है। 10 साल पुराने वाहनों का रजिस्ट्रेशन 1 अप्रैल से 8 गुना होने वाला है। इसके अभाव में अगर ऐसे वाहन दिल्ली-एनसीआर में मिले तो जब्त किए जाएंगे।

बढ़ाया गया वाहनों के रजिस्ट्रेशन का रिन्यू

1 दशक से अधिक पुराने वाहनों और कारों का रजिस्ट्रेशन रिन्यू बढ़ा दिया जाएगा। रजिस्ट्रेशन के अब 600 रुपये की बजाए 5,000 रुपये लगेंगे। दोपहिया वाहन को रिन्यू करवाने के लिए 300 की जगह 1 हजार रुपए देने होंगे। वहीं इम्पोर्टेड कार मालिकों को अब 15 हजार के बजाय 40 हजार रुपये देने होंगे। यह शुल्क इसलिए बढ़ाया गया है क्योंकि केंद्र सरकार दिल्ली में फैलने वाले प्रदूषण पर रोकथाम लगाना चाहती है इसलिए प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों को बंद कराना चाहती है। इससे लोग इलेक्ट्रिक वाहनों को खरीदने में प्राथमिकता देंगे।

दिल्ली एनसीआर में यह नियम नहीं होगा लागू

केंद्र सरकार द्वारा बनाए गए इस नए नियम के अंतर्गत 1 दशक पुराने वाहनों का हर 5 साल में रिन्यू के लिए आवेदन करना होगा। वहीं दिल्ली एनसीआर में 10 साल पुराने डीजल और 15 साल पुराने पेट्रोल वाहनों का रजिस्ट्रेशन रद्द कर दिया गया है इसलिए यह नियम दिल्ली एनसीआर में लागू नहीं होगा। फिलहाल सड़कों पर उतरते ही ऐसे वाहनों को जब्त तक स्क्रैब के लिए भेज दिया जाता है।

टैक्सी के लिए फिटनेस टेस्ट की लागत 1000 रुपए है लेकिन अब इसकी लागत 7,000 रुपये होगी। बसों और ट्रकों के लिए अब तक 500 रुपए देने पड़ते थें लेकिन अब 12,500 रुपये देने होंगे। वहीं 8 पुराने कमर्शियल वाहनों के लिए फिटनेस सर्टिफिकेट अनिवार्य कर दिया गया है।

पुराने वाहनों का कराना होगा फिटनेस टेस्ट

केंद्र सरकार द्वारा नई स्क्रैपे नीति के अनुसार अब जिनके पास पुराने वाहन हैं उन्हें वाहनों का फिटनेस टेस्ट कराना होगा। यह नियम केवल पुरानी गाड़ियों के लिए लागू होगा क्योंकि नई गाड़ी में स्क्रेपेज पालिसी के तहत फिटनेस टेस्ट कराने की जरूरत नहीं है।

स्क्रैपिंग सर्टिफिकेट से होगा फायदा

वहीं अगर पुराने वाहनों की स्क्रैपिंग कराई जाती है तो नई स्क्रैप पालिसी के तहत स्क्रैपिंग सर्टिफिकेट दिखाने पर नया वाहन खरीदने के दौरान 5 प्रतिशत की छूट मिलेगी। गाड़ी स्क्रैप करने पर कीमत का 4-6 प्रतिशत वाहन मालिक को मिलेगा। वहीं नए वाहन के रजिस्ट्रेशन के समय इसकी फीस माफ होगी।

 

Author

  • Abhishek Raj Is Journalist & Edtior Of Expresskhabar.in , Abhishek Raj writing news, views, reviews and interviews with expresskhabar.in.

By Abhishek Raj

Abhishek Raj Is Journalist & Edtior Of Expresskhabar.in , Abhishek Raj writing news, views, reviews and interviews with expresskhabar.in.

One thought on “दिल्ली छोड़ हर राज्यों पुराने वाहनों का रजिस्ट्रेशन चार्ज हुआ महंगा, अब इतना करना होगा खर्च”

Leave a Reply

Your email address will not be published.