वित्त वर्ष 2022-23 के बजट में दिल्ली बनेगी झीलों का शहर। इसके साथ साथ पर्यावरण संरक्षण की प्रतिबद्धता भी दोहराई गई है। इस योजना पर करीब 750 करोड़ रुपए की लागत की संभावना है। साथ ही भूजल की स्थिति सुधारने पर भी विशेष काम चल रहा है। करीब 1043 जलाशयों की पहचान दिल्ली स्टेट वेटलैंड अथारिटी ने जीयो टैगिंग के जरिये की है जिसमे झीलों को संख्या 600 के आस पास की है।

पर्यावरण के लिए आवंटित 266 करोड़ रुपए

वित्त वर्ष 2022-23 के बजट में 266 करोड़ रुपए की राशि पर्यावरण संरक्षण के लिए बाटें गए हैं। बातें गई इन राशि से योजनाएं पर काम आगे बढ़ेगा। जुलाई तक पंडारा रोड पर सुपरसाइट स्थापित कर कार्य शुरू करने की योजना है। जुलाई तक 36 वर्ग मीटर क्षेत्र में बनाई जाने वाली सुपरसाइट की स्थापना कर कार्य शुरू कर दिया जाएगा।

पहले चरण की प्राथमिकता सूची में शामिल झील

पहले चरण की प्राथमिकता सूची में संजय झील,हौज खास झील, भलस्वा झील, कोंडली में स्थित स्मृति वन, बसंत कुंज में स्थित स्मृति वन, एफ एफ गार्डन वेल्कम झील, टीकरी खुर्द झील, दरियापुर झील, पूठ कला (सरदार सरोवर झील), नजफगढ़ झील आदि शामिल हैं।

तेजी से गिर रहा है भूजल का स्तर

जिस तेजी से राजधानी के भूजल का स्तर गिर रहा है वह बेहद ही चिंता की बात है। यह दिल्ली सरकार के लिए बेहद गंभीर बात है। दिल्ली सरकार को इसपर ईमानदारी से कार्य करना होगा जिससे भूजल स्तर बढ़ाया जा सके और जल स्त्रोत को बचाया जा सके। इससे बारिश के पानी के संग्रहण में मदद मिलेगी। दिल्ली सरकार के साथ साथ इसके लिए दिल्ली की जनता के सहयोग की भी आवश्यकता है। जल स्रोत को बचाया जा सके इसलिए इसका काम आरडब्ल्यूए और स्वयं सेवी संस्थाओं को मिलना चाहिए।

 

 

 

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  • Abhishek Raj Is Journalist & Edtior Of Expresskhabar.in , Abhishek Raj writing news, views, reviews and interviews with expresskhabar.in.

By Abhishek Raj

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