देश की राजधानी दिल्ली में अनधिकृत कालोनियों में संपत्ति का मालिकाना हक मिलना जल्द ही और आसान हो जाएगा। केंद्र सरकार ने अनधिकृत कालोनियों में संपत्ति के मालिकों को स्वामित्व अधिकार प्राप्त करने के लिए तय मानदंडों में ढील देने को लेकर कई संशोधनों की घोषणा की है। इन प्रस्तावित संशोधनों के अनुसार, आवेदकों के लिए ”वसीयत” अनिवार्य नहीं होगी और प्राइवेट लैंड के मामले में पूरे प्लाट एरिया पर स्वामित्व अधिकार प्रदान किया जाएगा।इन संशोधनों से लोगों को अपनी संपत्ति के स्वामित्व अधिकार प्राप्त करने और नगर निकायों द्वारा बि¨ल्डग प्लान को अनुमोदित करने में ज्यादा मदद मिलने की उम्मीद है।

वहीं आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय के अनुसार दिल्ली आवास अधिकार योजना (पीएम उदय) योजना में प्रधानमंत्री-अनधिकृत कालोनी के तहत कई आवेदकों के पास वैध ”वसीयत” और ”गिफ्ट डीड” नहीं है। केंद्रीय आवास और शहरी मामलों के मंत्री हरदीप सfxह पुरी ने कहा कि संभावित लाभार्थियों के साथ विस्तृत परामर्श के बाद ही यह बदलाव किए जा रहे हैं। उन्होंने यह भी बताया कि पीएम- उदय योजना के तहत डीडीए द्वारा चार लाख से अधिक पंजीकरण पूरे किए जा चुके हैं। 12,480 को कन्वेंस डीडी और प्राधिकरण पर्ची जारी की गई हैं जबकि पोर्टल पर 4.5 लाख लोग पंजीकरण कर चुके हैं।

प्रस्तावित संशोधनों की कुछ और खास बातें

1. ग्रुप हाउसिंग सोसायटी के लिए अब जमीन की अनिवार्यता तीन हजार से घटाकर दो हजार वर्ग मीटर की गई।

2. कालोनी का वह हिस्सा नियमितीकरण के लिए विचारणीय होगा जिसका एरिया न्यूनतम दो हजार वर्ग मीटर होगा।

नगर निगम से नहीं कोई कनेक्शन

नगर निगम चुनाव की अधिसूचना जारी होने से महज एक दिन पूर्व की गई इस घोषणा को मंत्री ने चुनावों से परे बताया है। पुरी ने कहा कि इन बदलावों की प्रक्रिया महीनों पहले शुरू हो गई थी। लिहाजा इसे चुनाव से नहीं जोड़ा जाना चाहिए।

75 लाख लोगों को लाभान्वित करने का रखा गया लक्ष्य

इस योजना में अनधिकृत कालोनियों के अन्य 75 लाख निवासियों को लाभान्वित करने का लक्ष्य रखा गया है। दरअसल, मालिकाना हक प्राप्त करने वाले निवासियों की संख्या कम है। प्रस्तावित संशोधनों से कन्वेन्स डीड अथवा प्राधिकरण पर्ची प्राप्त करने की प्रक्रिया को बहुत आसान बनाए जाने की उम्मीद है।

वहीं मंत्रालय का कहना है कि अनधिकृत कालोनियों के लिए विकास नियंत्रण मानदंड भी निर्मित वातावरण की गुणवत्ता में सुधार, किफायती किराए के आवास प्रदान करने और अनधिकृत कॉलोनियों में मौजूदा भौतिक और सामाजिक-आर्थिक स्थितियों में सुधार के उद्देश्य से तैयार किए गए हैं। संशोधनों ने उन कालोनियों के नियमितीकरण का भी प्रस्ताव किया है जो कुछ न्यूनतम नियोजन आवश्यकताओं को पूरा करती हैं।

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  • Abhishek Raj Is Journalist & Edtior Of Expresskhabar.in , Abhishek Raj writing news, views, reviews and interviews with expresskhabar.in.

By Abhishek Raj

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