अब आने वाले 10 दिनों में दिल्ली एनसीआर और एनसीआर में आने वाले हर जगहों में 10 साल पुराने डीज़ल पर चलने वाले वाहन और 15 साल पुराने पेट्रोल पर चलने वाले वाहनों को चलाना भारी पड़ सकता है, अगर वहां चालक इस समस्या में नहीं फसना चाहते तो वह अपने इतने पुराने वाहनों को बेच सकते हैं उन्हें 14 दिनों का समय दिया गया है।

14 दिनों के बाद यह सारे वाहन कबाड़ की गिनती में आएंगे और तो और पुलिस आपके वाहन को किसी भी समय जब्त करके जुर्माना भी लगा सकती है। सरकार ने नोटिस जारी किया है कि इन वाहनों को दूसरी जगह रजिस्टर्ड कराने के लिए 3 मार्च 2022 तक का समय प्रदान किया है।

बढ़ते प्रदूषण को मद्देनज़र रखते हुए सरकार ने आदेश में इस अवधि को पूरा कर चुके वाहनों को डी-रजिस्टर्ड कर दिया है। सरकार ने ऐसे वाहनों के बाहर रजिस्ट्रेशन के लिए 3 माह का समय दिया था, जो की 3 मार्च को समाप्त हो रही है।

इन अवधि वाले वाहनों को बाहर पंजीकृत होने के बाद भी एनसीआर में चलाने की अनुमति नहीं है पर एनसीआर में आने वाले जिलों में पुराने वाहनों का इस्तेमाल करना है तो इन्हें बाहर किसी अन्य जिले में पंजीकृत कराना होगा और इसके बाद भी इन वाहनों को एनसीआर में चलाने की अनुमति नहीं होगी अगर इन्हें पुलिस चेकिंग में पकड़ा गया तो इन्हें जब्द कर लिया जायेगा।

किन जिलों से बाहर बिक्री करें पुराने वाहनों के मालिक ?

एनसीआर में रेवाड़ी, महेन्द्रगढ़, गुरुग्राम, सोनीपत, झज्जर, रोहतक, पानीपत,फरीदाबाद, नूंह, पलवल, जींद, करनाल, चरखी दादरी, व भिवानी जिले शामिल है। हरियाणा में ही वाहनों का रजिस्ट्रेशन कराने के लिए इस जिलों को छोड़कर बाकि किसी भी जिले में वाहन का रजिस्ट्रेशन करवा सकते हैं। हांलाकि सरकार द्वारा एनसीआर का दायरा घटाने को लेकर विचार किया जा रहा है। इन जिलों में से कुछ जिले एनसीआर से बाहर भी हो सकते हैं, लेकिन रेवाड़ी की संभावना नहीं ह

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  • Abhishek Raj Is Journalist & Edtior Of Expresskhabar.in , Abhishek Raj writing news, views, reviews and interviews with expresskhabar.in.

By Abhishek Raj

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