नई दिल्ली:- रेलवे क्रासिंग पर होने वाली दुर्घटनाओं को रोकने और यातायात को सुगम बनाने की दिशा में तेजी से काम हो रहा है। पहले मानव रहित क्रासिंग खत्म किए गए। अब फाटक वाले क्रासिंग पर रोड ओवर ब्रिज (आरओबी), रोड अंडर ब्रिज (आरयूबी) और सीमित ऊंचाई वाले सब-वे बनाए जा रहे हैं। दिल्ली मंडल में अगले वित्त वर्ष तक 30 से ज्यादा सब-वे बनकर तैयार हो जाएंगे।

दिल्ली मंडल में लगभग डेढ़ सौ मानव रहित रेलवे क्रासिंग थे। दो वर्ष पहले इन सभी को समाप्त कर दिया गया। इन सभी स्थानों पर या तो फाटक लगाए गए हैं या फिर सब-वे बनाकर इसे सुरक्षित किया गया है। फाटक वाले क्रासिंग भी बहुत सुरक्षित नहीं माने जाते हैं। लोग फाटक बंद होने के बावजूद इसके अगल-बगल से रेलवे ट्रैक पार करने की कोशिश करते हैं। इससे दुर्घटना की आशंका बनी रहती है।

इससे यातायात जाम की समस्या भी होती है। दरअसल ट्रेन आने के काफी पहले फाटक बंद कर दिया जाता है। इस वजह से व्यस्त सड़कों पर फाटक के दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतार लग जाती है। इस समस्या को ध्यान में रखकर आरओबी, आरयूबी और सीमित ऊंचाई वाले सब-वे बनाने के काम में तेजी लाने की कोशिश है। उत्तर रेलवे में वित्त वर्ष 2022-23 में इसके लिए 666.34 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।

दिल्ली मंडल में हैं 442 क्रासिंग: दिल्ली रेल मंडल में 442 रेलवे क्रासिंग हैं। पिछले वर्ष दिसंबर तक इनमें से दस क्रासिंग को पूरी तरह से सुरक्षित कर दिया गया है। मार्च तक चार और क्रासिंग पर सब-वे बनकर तैयार हो जाएंगे। रेलवे अधिकारियों ने बताया कि अगले वित्त वर्ष में दिल्ली मंडल के अलग-अलग रेलखंड पर 17 क्रासिंग पर सब-वे बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इस दिशा में काम चल रहा है। उन्होंने कहा कि इनके बनने से हादसों से बचा जा सकेगा।

 

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  • Abhishek Raj Is Journalist & Edtior Of Expresskhabar.in , Abhishek Raj writing news, views, reviews and interviews with expresskhabar.in.

By Abhishek Raj

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