क्या है निर्देश

  • निगरानी समिति और इंटीग्रेटेड कोविड कमांड सेंटर को पूरी तरह सक्रिय किया जाए।
  • गांवों में प्रधान के नेतृत्व में और शहरी वार्डो में पार्षदों के नेतृत्व में निगरानी समितियां क्रियाशील रहें।
  • घर-घर संपर्क कर बिना टीकाकरण वाले लोगों को चिन्हित किया जाए। उनकी सूची जिला प्रशासन को दी जाए।
  • जरूरत के मुताबिक लोगों को मेडिसिन किट उपलब्ध कराई जाए। कोविड के उपचार में उपयोगी जीवनरक्षक दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित कर ली जाए।
  • प्रदेश के सभी जिलों में स्थापित इंटीग्रेटेड कोविड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर को चौबीसों घंटे सक्रिय रखा जाए। नियमित बैठकें हों।
  • कोविड कमांड सेंटर में विशेषज्ञ चिकित्सकों का पैनल मौजूद रहे। लोगों को टेलीकन्सल्टेशन की सुविधा दी जाए।
  • हेल्पनंबर सार्वजनिक कर इसका व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए। लोग किसी जरूरत पर तत्काल वहां संपर्क कर सकते हैं।
  • एम्बुलेंस चौबीसों घंटे एक्टिव मोड में रहें। पब्लिक एड्रेस सिस्टम का बेहतर उपयोग किया जाए। सीएम हेल्पलाइन से लोगों से संवाद किया जाए।